बिहार में राजस्व महाअभियान के तहत 20 सितंबर को ग्रामीण परिवारों को जमाबंदी पंजी की कॉपी उपलब्ध कराने और पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर आवेदन लेने का काम समाप्त हो जायेगा. इसके बाद अंचल अधिकारी के निर्देशन में प्रतिदिन प्रत्येक कर्मी 20 सितंबर तक लिये कम से कम 25 आवेदनों की एंट्री दाखिल-खारिज पोर्टल और परिमार्जन प्लस पोर्टल पर करेंगे.

इस पर कार्रवाई की जानकारी आवेदक अपने आवेदन संख्या के आधार पर बिहार भूमि पोर्टल से देख कर प्राप्त कर सकेगा. यह निर्देश राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी डिविजनल कमिश्नर और सभी डीएम को दिया है. इसका मकसद राजस्व महाअभियान में लिये आवेदनों का तेज गति से समाधान करना है.



राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के राजस्व महाअभियान 16 अगस्त से 20 सितंबर 2025 के तहत 19 अगस्त से आठ सितंबर तक 38 जिलों में 7514 शिविर लगाये गये. शिविर में कुल 1200902 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें जमाबंदी में सुधार के आवेदनों की संख्या सर्वाधिक 913230 है. ऑफलाइन जमाबंदी को ऑनलाइन करने के आवेदनों की संख्या 169973 है.



उत्तराधिकार ट्रांसफर के आवेदनों की संख्या 63049 और बंटवारा नामांतरण के आवेदनों की संख्या 54650 है. पिछले 21 दिन में सर्वाधिक आवेदन औरंगाबाद में 90188 आये हैं. दूसरे नंबर पर अररिया में 88900 आवेदन आये हैं. तीसरे नंबर पर पटना में 70794 आवेदन आये हैं. इनके अतिरिक्त गया, मधुबनी, सुपौल, दरभंगा, नालंदा, गोपालगंज एवं समस्तीपुर आवेदन आने के मामले में टॉप टेन में शामिल हैं. शेष जिलों में भी आवेदन आने की संख्या संतोषजनक है.







































































































































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