अरवल जिले में स्वच्छता को लेकर सरकार की ओर से कई योजनाएं चलायी जा रही हैं. गांवों में भी हर घर से कचरे का उठाव किया जा रहा है. लेकिन, सफाई कर्मचारी कचरे को गांव के ठीक बाहर खुले में डंप कर रहे है.

हालांकि, इसके लिए हर पंचायत में अपशिष्ट इकाई बनायी गयी है. लेकिन पंचायत आपशिष्ट इकाई तक गांव का कचरा नहीं पहुंच रहा है. बाहर में कचरा फेंके जाने से दुर्गंध फैल रही है.


कचरा प्रबंधन की ठोस व्यवस्था नहीं रहने से स्थानों के साथ ही मैदानों, सड़क किनारे, आम रास्ते के पास कचरों को गिराया जा रहा है. ऐसे में आवागमन में लोगों को काफी परेशानी हो रही है.



जिला की कई पंचायतों में कचरों के निस्तारण को लेकर न आपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई बनी हुई है. इसके बाद भी खुले स्थानों पर कचरा फेंका जा रहा है. इसके कारण गांव में संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है.


खासकर सड़क किनारे या आम रास्ते के किनारे कचरा डंप किये जाने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. लोगों का कहना है कि कचरों से निकलने वाली दुर्गंध के बीच लोगों को आना-जाना पड़ता है. इस दिशा में अधिकारी और जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं दे रहे हैं. मच्छरों का भी प्रकोप बढ़ गया है.




















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