शाही और चाइना लीची के लिए प्रसिद्ध पूर्वी चंपारण जिले में इन दिनों ‘स्टिक बग’ (लही) के प्रकोप ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. जिले के पांच प्रमुख प्रखंडों की 28 पंचायतों में इस कीट का हमला तेज हो गया है.

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह कीट लीची के फलों का रस चूसकर उनकी गुणवत्ता और आकार को खराब कर देता है, जिससे बाजार में किसानों को उचित मूल्य मिलने की संभावना कम हो जाती है.


स्टिक बग का सबसे अधिक प्रभाव मेहसी, मधुबन, चकिया, कल्याणपुर और सदर प्रखंड में देखा जा रहा है. इन इलाकों के बागानों में पेड़ों पर कीटों के झुंड देखे जा रहे हैं. प्रभावित पंचायतों के किसानों ने इसकी लिखित सूचना पौधा संरक्षण विभाग को दी है और बचाव के लिए गुहार लगाई है.



किसानों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर काबू नहीं पाया गया, तो इस साल लीची की पैदावार पर भारी असर पड़ेगा. शिकायत मिलने के बाद पौधा संरक्षण विभाग सक्रिय हो गया है. विभाग ने किसानों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए दवाओं के छिड़काव की सलाह दी है. विशेषज्ञों ने बताया कि शाम के समय कीटनाशक का उचित मात्रा में उपयोग कर इस कीट पर नियंत्रण पाया जा सकता है.


जिला कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वे लगातार प्रभावित इलाकों की निगरानी कर रहे हैं और किसानों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है ताकि फसल को सुरक्षित रखा जा सके


























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