बिहार के विश्वविद्यालयों में पीएचडी में दाखिला लेने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ा बदलाव किया गया है. कुलाधिपति सचिवालय ने पीएचडी एडमिशन टेस्ट पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है.

अब पीएचडी में प्रवेश के लिए यूजीसी-नेट स्कोर को ही आधार बनाया जाएगा. राज्यपाल सचिवालय की ओर से सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र भेजकर स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि अब कोई भी विश्वविद्यालय पीएचडी एडमिशन टेस्ट आयोजित नहीं करेगा.


यह फैसला यूजीसी की अधिसूचना और कुलाधिपति के निर्देशों के अनुरूप लिया गया है. जिन विश्वविद्यालयों ने PAT के लिए विज्ञापन जारी कर दिए हैं, लेकिन परीक्षा अभी तक आयोजित नहीं हुई है, उन्हें तत्काल प्रभाव से विज्ञापन वापस लेने को कहा गया है. साथ ही प्रवेश प्रक्रिया में आवश्यक संशोधन करने का निर्देश भी दिया गया है.



यदि किसी विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों से आवेदन शुल्क लिया है, तो उसे वापस करने या यूजीसी-नेट आधारित प्रवेश प्रक्रिया लागू करने का विकल्प दिया गया है. इससे छात्रों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी.


कुलाधिपति सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि जिन विश्वविद्यालयों में PAT के माध्यम से पीएचडी में नामांकन पहले ही पूरा हो चुका है, वहां अध्ययनरत शोधार्थियों पर इस फैसले का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.


















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