दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्च के दौरान छात्रों एवं विपक्षी नेताओं पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में आज मुजफ्फरपुर में इंसाफ अधिकार मंच की ओर से पानी टंकी चौक से कल्याणी चौक तक आक्रोश मार्च निकाला गया, जिसमें सैकड़ों विद्यार्थियों, अभिभावकों, युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के समर्थकों ने भाग लेकर विरोध दर्ज कराया।


प्रदर्शन के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों, शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर जमकर नारेबाजी हुई। इस मौके पर मंच के राज्य अध्यक्ष सूरज कुमार सिंह ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार छात्रों के सवालों का जवाब देने के बजाय आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्र केवल निष्पक्ष परीक्षा, समय पर परिणाम और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज़ सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया जा रहा है।

सूरज कुमार सिंह ने यह भी आरो’प लगाया कि दिल्ली और पटना में छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं थी और सरकार को संवाद के रास्ते समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र-युवाओं का यह आंदोलन अब केवल परीक्षा और पेपर लीक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जवाबदेही और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई बन चुका है। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की तथा कहा कि यदि छात्रों की आवाज़ को लगातार दबाया गया तो यह आंदोलन और व्यापक होगा। वहीं मार्च में शामिल विद्यार्थियों और अन्य प्रदर्शनकारियों ने भी शिक्षा, रोजगार और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की।












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