बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर है. इस कड़ी में चुनाव आयोग ने नगर आयुक्तों को अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी बनाया है. यह निगम क्षेत्र में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की निगरानी और पर्यवेक्षण करेंगे. इसके अलावा अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन अधिकारियों की नियुक्ति को भी स्वीकृति दी गई है.

जानकारी मिली है कि इससे बीएलओ को मतदाताओं के घर की जानकारी नहीं मिल रही है. जबकि इस समस्या समाधान में निगम कर्मी सक्षम हैं क्योंकि निगमकर्मियों की पहुंच घर-घर तक है. जानकारी मिली है कि मंगलवार को नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों के नेतृत्व में सफाई पर्यवेक्षकों को फॉर्म वितरण किया गया. इस कार्य के बाद गणना प्रपत्र वितरण में तेजी आई है.



जानकारी के अनुसार पटना जिले में 50, 31, 964 मतदाता हैं. जिसके तहत पटना शहरी क्षेत्र के दीघा, बांकीपुर, कुम्हरार और पटना साहिब विधानसभा क्षेत्रों के 1550 बूथों पर करीब 18 लाख मतदाता हैं. जिले में करीब 7 लाख मतदाताओं ने अबतक गणना प्रपत्र जमा किया है. जसमें शहरी क्षेत्र के मतदाताओं की संख्या कम है और इस संख्या को बढ़ाने के लिए निगम कर्मियों को काम पर लगाया गया है.



राज्य के 3.70 करोड़ मतदाता गणना प्रपत्र भरकर जमा दे चुके हैं, जो कि कुल मतदाता का 46.95 प्रतिशत है. भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का कहना है कि शुद्ध निर्वाचक नामावली लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए जरूरी है. बिहार राज्य में मतदाताओं की संख्या करीब 7.90 करोड़ है. जिसमें से 14 दिनों में करीब आधे फॉर्म जमा हुए हैं. अब शेष 17 दिनों में बचे फॉर्म जमा हो जाएंगे.


उन्होंने बताया कि पिछले दो सप्ताह में 7.90 करोड़ प्रपत्र छापे गए हैं. जिसमें से 97% से अधिक (7,70,44,990 फॉर्म) मतदाताओं को वितरित हो चुके हैं. 18.16% मतदाताओं ने फॉर्म ईसीआई नेट पर अपलोड किया है. संभावित मतदाता बड़ी संख्या में गणना प्रपत्र के साथ अपनी पात्रता से संबंधित दस्तावेज भी जमा कर रहे हैं.


























































































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