उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा स्कूल चलो अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अब एक मई से उन बच्चों पर विशेष तौर पर फोकस किया जाएगा जो झुग्गी-झोपड़ी में रहते हैं।

उत्तर प्रदेश में एक अप्रैल से स्कूल चलो अभियान व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि 6 से 14 साल का कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे।


हर बच्चे का स्कूल में नामांकन हो और वह नियमित स्कूल जाए। इसी क्रम में 1 मई से प्रदेश में श्रमिक बस्तियों, ईंट-भट्ठों और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों को नामांकित किया जाएगा।



यह अभियान खास तौर पर आउट-ऑफ-स्कूल और ड्रॉपआउट बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने पर केंद्रित होगा। दिव्यांग बच्चों को स्पेशल एजुकेटर के सहयोग से चिन्हित कर उनका नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा।


वहीं ड्रॉपआउट बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश दिलाया जाएगा।

















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