गुरुग्राम से अगवा किए गए एक ऑटो चालक और उसके 2 मासूम बच्चों को बरेली पुलिस और हरियाणा पुलिस के एक संयुक्त ऑपरेशन में सुरक्षित बचा लिया गया है।

इस पूरी घटना में कुदरत का इंसाफ तब देखने को मिला जब किडनैपरों की तेज रफ्तार गाड़ी एक टैंकर से टकरा गई, जिसमें मुख्य साजिशकर्ता समेत 3 बदमाशों की मौके पर ही मौत हो गई।

गुरुग्राम में ऑटो चलाने वाले मनोज की पत्नी पूजा ने बताया कि आरोपी मनमोहन उनके गांव का ही रहने वाला था। मनमोहन का मनोज की गोद ली हुई बेटी के साथ अफेयर था, जिसका मनोज लगातार विरोध कर रहा था। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए मनमोहन ने मनोज और उसके दो बेटों मयूर (6 साल) और लक्ष्य (3 साल) को रास्ते से हटाने की साजिश रची।



बदमाश सवारी बनकर मनोज के ऑटो में बैठे और उसे एक सुनसान मंदिर के पास ले गए। वहां पहले से मौजूद एक काले रंग की बोलेरो में बदमाशों ने बच्चों को जबरन डाल लिया। बच्चों की जान का डर दिखाकर उन्होंने मनोज को भी बंधक बना लिया और आंखों पर पट्टी बांधकर उसे बरेली ले आए।



बरेली बाईपास पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ। किडनैपरों की बोलेरो एक तेल टैंकर से जा टकराई। इस हादसे में तीन किडनैपर मनमोहन, सिकंदर और विशेष की मौत हो गई। जब पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी की तलाशी ली, तो दंग रह गई। गाड़ी की डिग्गी में हाथ-पांव बंधे हुए दोनों मासूम बच्चे बेहोश मिले। पुलिस ने तुरंत गुरुग्राम पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद बच्चों की पहचान मयूर और लक्ष्य के रूप में हुई।


























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