बिहार के नगर निकायों में सफाईकर्मियों और ड्राइवरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर अब मुजफ्फरपुर में साफ दिखाई देने लगा है। हड़ताल के तीसरे दिन शनिवार को भी शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप रही। एक भी कचरा उठाने वाला वाहन सड़कों पर नहीं निकला, जिससे गली-मोहल्लों से लेकर मुख्य बाजारों और डंपिंग प्वाइंट तक कचरे का अंबार लग गया है।
शुक्रवार शाम हुई बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। बारिश का पानी कचरे को सड़कों पर बहाकर ले आया, जिससे कई इलाकों में गंदगी फैल गई है। शनिवार को तेज धूप निकलने के बाद कचरे से उठ रही दुर्गंध ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर गुरुवार से राज्यभर के शहरी निकाय कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इसका सीधा असर मुजफ्फरपुर नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है। नियमित कचरा उठाव बंद होने से शहर के अधिकांश इलाकों में कूड़े के ढेर लग गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द सफाई शुरू नहीं हुई तो संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
शहर में रविवार शाम से पहली सोमवारी पर जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में कांवरियों का आगमन शुरू होना है। ऐसे समय में शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। बाबा गरीबनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को गंदगी और दुर्गंध का सामना करना पड़ सकता है।
हड़ताल के कारण सिर्फ सफाई व्यवस्था ही नहीं, बल्कि कचरा परिवहन भी पूरी तरह प्रभावित है। शहर के प्रमुख बाजार, मोहल्ले और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े के ढेर जमा हैं। स्थानीय लोगों ने नगर प्रशासन से जल्द समाधान निकालने और सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है, ताकि श्रावणी मेले के दौरान शहर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना न करना पड़े।










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