बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के लोकसभा में पारित नहीं होने के बाद विपक्ष खुशियां मना रहा है, जो सही मायने में देश की आधी आबादी का अपमान है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की महिला नेताओं के साथ आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि संसद के विशेष सत्र में नारी शक्ति के साथ धोखा हुआ।


उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इतिहास में यह शर्मनाक घटना थी, जब महिलाओं के अपमान पर कांग्रेस, द्रविण मुनेत्र कड़गम, तृणमूल कांग्रेस तथा समाजवादी पार्टी जैसे दल खुशियां मना रहे है। उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है, काफी समय पहले लालू प्रसाद भी बिल फाड़ते नजर आए थे।



चौधरी ने कहा कि महिला आरक्षण का विरोध वह पार्टिंयां कर रही हैं, जो चाहती हैं कि उनके घर की महिलाएं और बेटियां सांसद तथा विधायक बनें, लेकिन किसी गरीब की बेटी को यह उपलब्धि हासिल नहीं हों।


उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अपनी बहन की चिंता है, लेकिन देश की दूसरी बेटियों के बारे में वह नहीं सोचते हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव को अपनी पत्नी की चिंता है, लेकिन उत्तरप्रदेश से 40 महिला सांसद चुन कर लोकसभा में जाएं, यह बात उन्हें मंजूर नहीं है।




















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