मुजफ्फरपुर जिले के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र स्थित संजय सिनेमा के पास एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां 75 वर्षीय पवितर देवी को सरकारी रिकॉर्ड में मृ’त घोषित कर दिया गया, जबकि वह पूरी तरह जीवित हैं।

पवितर देवी को मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत पेंशन मिलती थी, जिससे उनका जीवनयापन होता था। लेकिन पिछले तीन महीनों से उनके बैंक खाते में पेंशन की राशि नहीं आई है। जानकारी लेने पर उन्हें बताया गया कि विभागीय सत्यापन प्रक्रिया में उन्हें ‘मृ’त’ दर्ज कर दिया गया है, जिसके कारण उनकी पेंशन रोक दी गई है।

पेंशन बंद होने के बाद बुजुर्ग महिला आर्थिक तंगी का सामना कर रही हैं और किसी तरह दूसरों के घरों में काम करके गुजारा कर रही हैं। पवितर देवी ने कहा कि उन्हें बिना जानकारी के रिकॉर्ड में मृ’त घोषित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि वे लगातार दफ्तरों के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं मिला है।

इस मामले को लेकर मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे गंभीर प्रशासनिक त्रुटि बताया है। अधिवक्ता के अनुसार, कई बार शिकायत करने के बावजूद समाधान नहीं हुआ, जिसके बाद मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग, पटना तक पहुंचा दिया गया है। याचिका में मांग की गई है कि पवितर देवी की पेंशन तुरंत बहाल की जाए और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।











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