बिहार की राजनीति में विधान परिषद चुनाव को लेकर हलचल तेज है। एनडीए की ओर से उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। इसकी वजह उनके बेटे और बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को एमएलसी का टिकट नहीं मिलना है।


दरअसल, बिहार विधान परिषद की रिक्त सीटों पर चुनाव की घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारों में यह माना जा रहा था कि एनडीए कोटे से एक सीट उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को मिल सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का भी मानना था कि दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजा जा सकता है, क्योंकि वे वर्तमान में बिहार सरकार में मंत्री हैं लेकिन किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं।

संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार मंत्री बने रहने के लिए निर्धारित समय के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना आवश्यक होता है। ऐसे में एमएलसी चुनाव को दीपक प्रकाश के लिए सबसे उपयुक्त अवसर माना जा रहा था। लेकिन जब एनडीए ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की तो उसमें दीपक प्रकाश का नाम शामिल नहीं था।’












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