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बिहार: स्कूल की लापरवाही पड़ेगी छात्रों को भाड़ी, इस कारण नहीं जारी होगा एड्मिट कार्ड

पटना: इंटर वार्षिक परीक्षा 2022 में स्कूल और कॉलेजों की गलती का खामियाजा परीक्षार्थियों को भुगतना पड़ सकता है। राज्यभर के 3244 स्कूल-कॉलेजों ने इंटर परीक्षा का फॉर्म तो भर दिया गया है, लेकिन अभी तक रजिस्ट्रेशन और परीक्षा शुल्क जमा नहीं किया गया हैं।

बिहार बोर्ड : इंटर परीक्षा 2021 के शेड्युल में बदलाव, जानिए पूरी खबरबोर्ड ने छात्रहित में अंतिम मौका 18 दिसंबर तक दिया है। अगर 18 दिसंबर तक ऑनलाइन शुल्क जमा नहीं किया गया तो छात्रों का प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जायेगा। इंटर परीक्षा एक फरवरी से 14 फरवरी तक चलेगी। इससे पहले दस से 20 जनवरी तक इंटर की प्रायोगिक परीक्षा होगी। बोर्ड की मानें तो प्रायोगिक परीक्षा के पहले प्रवेश पत्र जारी होगा। जनवरी के पहले सप्ताह में प्रवेश पत्र जारी होना है। बोर्ड की मानें तो जिन छात्रों ने अभी तक शुल्क जमा नहीं किया है, उन सभी का शुल्क मिलाकर एक अरब दस करोड़ 56 लाख 2820 रुपये हो रहा है। बोर्ड ने स्पष्ट कहा है कि जब तक आवेदन शुल्क जमा नहीं होगा, प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जायेगा। बोर्ड के अनुसार परीक्षा शुल्क से अधिक रजिस्ट्रेशन शुल्क बकाया है।बोर्ड की मानें तो सबसे ज्यादा पटना जिले से 209 स्कूल-कॉलेज इसमें शामिल हैं। पटना जिले की बात करें तो तीस हजार से अधिक परीक्षार्थी जिले भर से शामिल हैं। वहीं जमुई, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, नालंदा, रोहतास, सारण, सीवान, वैशाली, भोजपुर आदि जिलों में सौ से अधिक स्कूल-कॉलेज हैं, जहां के छात्रों का भी शुल्क  अब तक जमा नहीं हुआ है।

 

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