बिहार में सर्दी ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। राज्य के ज्यादातर इलाकों में ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाएं और शीतलहर के कारण लोगों को दिन भर कनकनी महसूस हो रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक ठंड से किसी तरह की राहत मिलने के आसार कम हैं।

धूप निकलने के बावजूद तेज हवाओं की वजह से ठिठुरन बरकरार है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि भागलपुर के सबौर क्षेत्र और गया के फतेहपुर जैसे इलाकों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से काफी नीचे दर्ज किया गया।


भागलपुर सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 4.4 डिग्री के करीब पहुंचा। राजधानी पटना में भी न्यूनतम तापमान 9-10 डिग्री के आसपास बना हुआ है। मधुबनी को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा, जिससे सर्दी का असर और गहरा हो गया है।


ठंड के साथ-साथ घना कोहरा भी मुसीबत बनकर सामने आया है। उत्तर बिहार के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में विजिबिलिटी बेहद कम हो गई, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई ट्रेनें लेट चल रही हैं, जबकि खुले मैदानों, खेतों और हाईवे पर ठंड का प्रभाव सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है। यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।


मौसम विभाग ने राज्य के उत्तरी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में कोल्ड डे जैसी स्थितियों को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पूर्वी-पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, खगड़िया, सुपौल, अररिया, सहरसा, कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर और मधेपुरा जैसे जिलों में आज कोल्ड डे का अलर्ट है। कुछ क्षेत्रों में घने कोहरे के लिए येलो अलर्ट भी लागू किया गया। बीते दिनों 20-30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं ने कनकनी को और बढ़ा दिया।




































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