गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने से अनुमंडल क्षेत्र सहित आसपास का इलाका डूब गया है. सब्जियों की कीमतों में भारी उछाल आया है. हरी सब्जियां की कीमत तीन गुना बढ़ गयी है.

बाढ़ से खेतों में पानी भरने से सब्जियों की फसलें खराब हो गयी हैं, जिससे आपूर्ति कम हो गयी है. हरी सब्जियों के साथ मुख्य रूप से खीरा और टमाटर के दामों में काफी उछाल आया है.



बाढ़ से परिवहन व खेतों में पानी आने से दिक्कत हुई है. बाजार के दुकानदार राजू, श्रवण बताते हैं कि बाढ़ से सड़कें क्षतिग्रस्त हो गयी है और खेत जलमग्न हो गये हैं, जिससे सब्जियों को बाजार तक ले जाने में परेशानी हो रही है.



दो गुना किराया देकर उन्हें अपनी सब्जियों को मंडी तक पहुंचाना पड़ रहा है. फुटकर व्यापारियों का भी यही हाल है. उन्हें भी मंडी से दोगुना किराया देकर सब्जियां खरीदनी पड़ रही हैं. कुछ क्षेत्रों में आलू की कीमतें 30 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गयी हैं, जबकि पहले यह 20-25 रुपये प्रति किलो थी. हरी सब्जियां जैसे शिमला मिर्च, टमाटर, बैंगन और करेला के दाम बढ़े हैं.




बाढ़ से सब्जियों की कीमतों में हुई वृद्धि का असर आम लोगों की जेब पर पड़ना शुरू हो गया है, जिसका सीधा असर रसोई पर पड़ रहा है. रसोई में मुख्य रूप से आलू और टमाटर के महंगे होने से खाने का जायका बिगड़ रहा है.


























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