बिहार के यूनिवर्सिटीज में उच्च शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. कुलाधिपति की स्वीकृति के बाद राज्य के चार प्रमुख यूनिवर्सिटी में सात नये रोजगारोन्मुखी कोर्स शुरू किये जायेंगे. इसमें बीकॉम के अंतर्गत बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस (बीएफएसआई), रिटेल ऑपरेशन, ई-कॉमर्स ऑपरेशन और ह्यूमन रिसोर्स ऑपरेशन में मेजर शामिल हैं.

इसके अलावा बीए में कंटेंट एंड क्रिएटिव राइटिंग, जबकि बीएससी में हेल्थकेयर मैनेजमेंट और डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कोर्स शुरू किये जायेंगे. इन सभी पाठ्यक्रमों को स्वीकृत मिल गई है. ये कोर्स चार वर्षीय अंडर ग्रेजुएट अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम (एइडीपी) के तहत संचालित होंगे, जिसमें विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ उद्योगों में व्यावहारिक ट्रेनिंग भी मिलेगा.


राज्यपाल सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी, पटना यूनिवर्सिटी, तिलका मांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी और बीआरए बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर में इन कोर्सेस को लागू किया जायेगा. यह व्यवस्था नये सत्र 2026 से ही प्रभावी होगा. जारी अधिसूचना में कहा गया है कि इन कोर्सेस का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक ट्रेनिंग और उद्योग आधारित अनुभव उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सके.



पढ़ाई के साथ मिलेगा अप्रेंटिसशिप का अनुभव
इन कोर्सों की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि विद्यार्थियों को डिग्री के साथ-साथ इंडस्ट्री में काम करने का व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा. यूनिवर्सिटीज और उद्योगों के बीच त्रिपक्षीय एमओयू के आधार पर ट्रेनिंग की व्यवस्था की जायेगी. इससे छात्रों का स्किल डेवलपमेंट होगा और उन्हें नौकरी के बेहतर अवसर मिल सकेंगे.


यूजीसी की गाइडलाइन के तहत लागू होगी व्यवस्था
अधिसूचना में कहा गया है कि सभी कोर्सेस यूनिवर्सिटी अनुदान आयोग (यूजीसी) की अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम गाइडलाइन के अनुरूप संचालित किये जायेंगे. नयी शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और रोजगार परक बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.














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