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यूपी-बिहार के 12 दूल्हों को लूटकर दुल्हन ने किया बर्बाद

यूपी के अंबेडकर नगर से एक चौंका देने वाली खबर सामने आई है. एक व्यक्ति ने पुलिस आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल करके बताया कि उसकी दुल्हन को बुसखारी क्षेत्र के एक स्थानीय मंदिर में शादी की रस्मों के ठीक बाद अपहरण कर लिया गया है. उस व्यक्ति ने बताया कि मंदिर से बाहर निकलते ही कुछ लोग उसकी पत्नी को जबरन उठा ले गए.

दुल्हन के दिनदहाड़े अपहरण की खबर से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. पूरे जिले में चेकपॉइंट बनाए गए और कुछ ही समय में पुलिस ने दुल्हन को तथाकथित अपहरणकर्ताओं के साथ पकड़ लिया, जो वास्तव में उसके अपराध में भागीदार थे और उन्होंने चोरी की गई रकम को आपस में बांट लिया.

पुलिस पूछताछ के दौरान चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब उन्हें पता चला कि दुल्हन वास्तव में एक आपराधिक मास्टरमाइंड थी, जिसे कई नामों से जाना जाता था- यूपी में गुलशाना रियाज खान, गुजरात में काजल, हरियाणा में सीमा और बिहार में नेहा. उसने हर बार अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग राज्यों में 12 पुरुषों से शादी की थी.

गुलशाना कुछ पुरुषों और महिलाओं दोनों के एक ग्रुप के साथ काम करती थी. वे उन गरीब परिवारों को निशाना बनाते थे जो दुल्हन की तलाश में थे लेकिन उन्हें दुल्हन नहीं मिल पा रही थी. फिर वे परिवार से संपर्क करते और उन्हें गुलशाना की एक नकली तस्वीर दिखाते, यह दिखावा करते कि वह एक अच्छे परिवार से है. गैंग में से दुल्हन की मां या बहन बनकर पेश आती थीं  और शादी तय होने के बाद, दूल्हे के परिवार से व्यवस्था के लिए पैसे मांगे जाते थे. शादी होती और रस्मों के ठीक बाद गैंग के कुछ सदस्य अपहरण का नाटक करते दुल्हन को बाइक पर ले जाते और पैसे और उपहार लेकर गायब हो जाते.

जांच-पड़ताल में पुलिस को पता चला कि गुलशाना पहले से ही जौनपुर, यूपी के एक दर्जी रियाज खान नामक व्यक्ति से विवाहित थी. वह उसके अपराधों के बारे में सब कुछ जानता था और उसके द्वारा की गई हर धोखाधड़ी वाली शादी से 5 प्रतिशत कमीशन लेता था. यह गिरोह आखिरकार तब पकड़ा गया जब उनके नवीनतम शिकार रोहतक, हरियाणा के सोनू ने 80,000 रुपये खोने के बाद यूपी पुलिस को फोन किया. गुलशाना और उसके गिरोह को चोरी के पैसे का बंटवारा करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया.

गिरफ्तार किए गए गिरोह के सदस्यों में मोहनलाल, रतन कुमार सरोज, रंजन उर्फ आशु गौतम, मंजू माली, राहुल राज, सन्नो उर्फ सुनीता, पूनम और रुखसार शामिल थे. महिलाओं ने फर्जी पहचान दस्तावेज बनाए, जबकि पुरुषों ने प्रत्येक विवाह के बाद गुलशाना को भागने में मदद की.

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