मुजफ्फरपुर के चर्चित प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकां’ड मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन द्वारा गठित पांच सदस्यीय जांच समिति मंगलवार यानी आज अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है. प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिनसे अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

सूत्रों के अनुसार जांच में पता चला है कि अस्पताल के आईसीयू में केवल दो एसी की क्षमता के अनुसार वायरिंग की गई थी, लेकिन वहां एक साथ छह एसी संचालित किए जा रहे थे. लगातार अधिक लोड पड़ने की वजह से वायरिंग गर्म हुई और शॉर्ट सर्किट हो गया. बताया जा रहा है कि आ’ग सबसे पहले इलेक्ट्रिकल सिस्टम से शुरू हुई और फिर वेंटिलेटर समेत आईसीयू के अन्य हिस्सों में फैल गई. देखते ही देखते पूरा आईसीयू धुएं और आ’ग की चपे’ट में आ गया.

जांच समिति ने यह भी पाया है कि आईसीयू की वायरिंग सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं थी. कई जगहों पर तकनीकी खामियां मिली हैं. इसके अलावा अस्पताल में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं. जांच टीम ने अस्पताल प्रबंधन से अग्निशमन उपकरणों, फायर हाइड्रेंट सिस्टम और कर्मचारियों के प्रशिक्षण से जुड़ी जानकारी मांगी थी, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया।

















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