गर्मी प्रारंभ होते ही तापमान तेजी से बढ़ना प्रारंभ हो जाता है। मन करता है कि बस ठंडे वातावरण में बैठे रहें और दिन भर कुछ ठंडा लेते रहें ताकि बाहरी वातावरण का अधिक अहसास न हो पर यह सब संभव नहीं है।

कामकाजी लोग कैसे घर में बैठे रह सकते हैं। उन्हें तो बाहर तो निकलना ही है। घर पर रहने वाली गृहणियों को भी घर के सामान लेने के लिए, बिल आदि जमा करवाने के लिए भी बाहर निकलना ही पड़ता है। ऐसे में कुछ बातों को पहले से दिमाग में रखें कि गर्मी में बाहर निकलते समय हमें किन बातों का ध्यान रखना है ताकि सेहत भी ठीक रहे और गर्मी भी न सताए।


गर्मियों में धूप में बाहर जाने से और बाहर का खाना खाने से डायरिया, हीट स्ट्रोक और गैस्ट्रोएंट्राइटिस होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अतिरिक्त कुछ त्वचा रोग जैसे फंगल इंफेक्शन, खुजली, त्वचा पर दाने आदि का होना, आंखों में खुजली, लाली और इंफेक्शन होने का खतरा भी बढ़ जाता है।


इन सबसे बचाव हेतु गर्मियों में प्रातः शाम ही घर से बाहर निकलें। गर्मी से स्वयं को बचाने हेतु छाता, चश्मा व स्कार्फ का प्रयोग करें। दिन भर में कम से कम दो से तीन लिटर पानी पिएं और ताजे फल सब्जियों का सेवन करें जैसे तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी आदि। इन सबमें पानी की भी मात्रा होती है जो आपकी प्यास को काबू में रखती है।


इस मौसम में लाइट रंगों के ढीले और सूती वस्त्र पहनें ताकि वस्त्र पसीना सोख सकें। वातानुकूलित दफ्तरों में काम करने वालों को भी सावधानी बरतनी पड़ती है क्योंकि तापमान में विभिन्नता रहती है। एकदम वातानुकूलित वातावरण से बाहरी वातावरण में जाना पड़ता है जिससे गर्म सर्द होने का खतरा बढ़ जाता है।

शरीर में प्राकृतिक नमी भी कम होने लगती है जिससे त्वचा में इचिंग होती है और त्वचा खिंची खिंची लगती है। इन सब से स्वयं को बचा कर रखने के लिए ध्यान दें कुछ टिप्स पर ताकि गर्मी की हीट को बीट कर सकें।









































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