बढ़ती महंगाई के दौर में घर का मासिक बजट चलाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। खासतौर पर उन लोगों के लिए जिनकी आय का कोई निश्चित स्रोत नहीं है, जैसे कि सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक, यह चिंता और भी बढ़ जाती है। लेकिन अगर हर महीने एक तय तारीख को बैंक खाते में निश्चित रकम मिलने लगे, तो यह राहत देने वाला विकल्प साबित हो सकता है। भारतीय डाकघर इस जरूरत को पूरा करने के लिए ‘मासिक आय योजना’ चला रहा है। यह योजना उन निवेशकों के लिए बेहद सुरक्षित और लाभकारी है, जो अपने पैसे पर कोई जोखिम नहीं लेना चाहते और हर महीने निश्चित आय चाहते हैं।

डाकघर की यह मंथली इनकम स्कीम सरल निवेश प्रक्रिया पर काम करती है। इसमें निवेशक को एकमुश्त राशि जमा करनी होती है। जमा राशि पर सरकार द्वारा तय ब्याज दर के अनुसार सालाना ब्याज बनता है, जिसे 12 महीनों में विभाजित करके हर महीने खाते में भेजा जाता है। वर्तमान में इस योजना पर 7.40 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर उपलब्ध है। यदि कोई व्यक्ति अकेले निवेश करता है, तो अधिकतम 9 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। इस राशि पर 7.40% ब्याज दर के अनुसार उन्हें हर महीने लगभग 5,550 रुपये की पक्की आमदनी मिलती है। अगर खाता ‘ज्वाइंट अकाउंट’ के रूप में पत्नी या पति के साथ खोला जाए, तो योजना और भी फायदेमंद हो जाती है।

संयुक्त खाते में निवेश सीमा बढ़कर 15 लाख रुपये हो जाती है। 15 लाख रुपये के निवेश पर दंपत्ति को हर महीने 9,250 रुपये की निश्चित आमदनी प्राप्त होती है। यह रकम सीधे उनके पोस्ट ऑफिस बचत खाते में आती है, जिसे वे आसानी से निकाल सकते हैं। POMIS की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केंद्र सरकार की योजना है, यानी निवेश पर 100% सरकारी गारंटी। यह योजना शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से पूरी तरह सुरक्षित है और मूलधन जोखिम-मुक्त रहता है। इस योजना की परिपक्वता अवधि 5 वर्ष है। निवेश की गई राशि 5 साल के लिए लॉक-इन रहती है, लेकिन इस दौरान हर महीने ब्याज की राशि नियमित रूप से मिलती रहती है। योजना की समाप्ति पर निवेशक को पूरी मूलधन राशि सुरक्षित वापस मिल जाती है।































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