बिहार अब केवल भोजपुरी या क्षेत्रीय सिनेमा तक सीमित नहीं रहा है. राज्य की बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति ने उसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म मानचित्र पर एक नई पहचान दी है.

अब तक 40 फिल्मों को शूटिंग की अनुमति दी जा चुकी है, जिनमें से 33 फिल्मों का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा भी हो चुका है.


यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि फिल्म निर्माताओं का भरोसा बिहार पर लगातार बढ़ रहा है और राज्य सिनेमा के लिए एक फिल्म फ्रेंडली डेस्टिनेशन बन चुका है.


पटना से राजगीर तक कैमरे की चमक
पटना, राजगीर, नालंदा, गया, भागलपुर और मोतिहारी जैसे शहर अब फिल्मों की शूटिंग के लिए नई पहचान बना रहे हैं.


राजगीर की पहाड़ियां, नालंदा का ऐतिहासिक गौरव, गया के धार्मिक स्थल, भागलपुर की प्राकृतिक खूबसूरती और मोतिहारी की साहित्यिक विरासत फिल्मकारों को अपनी ओर खींच रही है. इन लोकेशनों ने फिल्मों को न सिर्फ एक अलग विजुअल सीन दिया है, बल्कि बिहार की छवि को भी देश-दुनिया में नई ऊंचाई दी है

































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