समस्तीपुर में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है. जिले के 20 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) में खाली पड़े शिक्षकों के पदों को भरने के लिए विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं. माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सीधे जिलाधिकारी की जवाबदेही तय कर दी है. विभाग का साफ संदेश है कि अब शिक्षकों की बहाली में किसी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

यह मामला मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘सात निश्चय-3’ के तहत चल रहे ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य’ कार्यक्रम से जुड़ा है. 27 मई को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पता चला कि जिले के आदर्श विद्यालयों में विषयवार 49 पद खाली हैं, लेकिन चयन प्रक्रिया बेहद धीमी गति से चल रही है. इस पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर. ने नाराजगी जताई और पूरी प्रक्रिया को युद्धस्तर पर पूरा करने का निर्देश दिया.


शिक्षा विभाग ने समय-सीमा तय की है. इसके तहत 1 से 4 जून तक आवेदन लिए जाएंगे. 5 से 7 जून के बीच आवेदनों की जांच होगी. 8 से 12 जून तक अभ्यर्थियों का साक्षात्कार कराया जाएगा. वहीं 13 जून तक अंतिम मेधा सूची जारी कर दी जाएगी.



विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि तय समय के भीतर पारदर्शी तरीके से बहाली पूरी करनी होगी. ऐसे में जिला प्रशासन और चयन समितियों के लिए यह प्रक्रिया किसी परीक्षा से कम नहीं होगी. अधिकारियों की कार्यशैली और क्षमता भी इसी से परखी जाएगी.


जानकारी के अनुसार जिले में कुल 109 रिक्त पदों के मुकाबले 60 शिक्षकों की विषयवार मेधा सूची जारी कर उन्हें प्रतिनियुक्त किया जा चुका है. चयन में 50 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले योग्य शिक्षकों को ही मौका मिला है. इसके बावजूद 49 पद अब भी खाली हैं. वहीं एक विद्यालय में तकनीकी कारणों से अब तक किसी शिक्षक की तैनाती नहीं हो सकी है.


















Be First to Comment