भारतीय रेलवे द्वारा यात्री किरायों में की गयी बढ़ोतरी को एक जुलाई से लागू कर दिया गया है. इस बदलाव का सीधा असर मध्यम और निम्न आय वर्ग के यात्रियों पर पड़ा है, जो रोजाना ट्रेन से सफर करते हैं या लंबे दूरी की यात्रा के लिए रेल से सफर करते हैं.

रेलवे ने किराया बढ़ोतरी को चरणबद्ध तरीके से लागू किया है. सेकंड क्लास ऑर्डिनरी श्रेणी में 501 से लेकर 1500 किलोमीटर की यात्रा पर पांच रुपये अतिरिक्त देने होंगे. वहीं एसी श्रेणियों में प्रति किलोमीटर 2 पैसे की दर से बढ़ोत्तरी की गई है. यह वृद्धि भले ही राशि में छोटी प्रतीत हो, लेकिन लंबी दूरी के नियमित यात्रियों के लिए यह एक बड़ा आर्थिक बोझ बनकर सामने आ रहा है.



किराया वृद्धि के साथ-साथ रेलवे ने टिकट रिजर्वेशन और तत्काल बुकिंग में भी बदलाव किये हैं. अब रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन चलने से 8 घंटे पहले तैयार कर दिया जायेगा. पहले यह चार्ट यात्रा से चार घंटे पहले तक तैयार होता था. इससे आखिरी समय में टिकट कैंसिल या बदलाव की संभावना कम हो जायेगी.



तत्काल टिकट बुकिंग के लिए अब IRCTC खाते का आधार कार्ड से लिंक होना अनिवार्य कर दिया गया है. इससे फर्जी बुकिंग और दलालों पर रोक लगेगी, लेकिन डिजिटल प्रक्रिया में कमजोर यात्रियों के लिए यह परेशानी का सबब बन सकता है.




रेलवे बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय रेलवे की परिचालन लागत, रखरखाव, यात्री सुरक्षा और सुविधाओं में सुधार के लिए लिया गया है. उनका तर्क है कि वर्तमान किराया संरचना वर्षों से लगभग स्थिर थी, जबकि ईंधन, रखरखाव और कर्मचारियों के वेतन सहित कई खर्चों में वृद्धि हो चुकी है.





























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