पटना मेट्रो के एक्सपेंशन को लेकर पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (PMRC) युद्ध स्तर पर काम कर रहा है. इससे आने वाले समय में शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह बदलने वाली है. वर्तमान में मेट्रो का परिचालन बेहद छोटे हिस्से में हो रहा है. इसे अगस्त तक बढ़ाकर 9.322 किलोमीटर तक करने का लक्ष्य रखा गया है.

PMRC ने तय किया है कि वह पुणे मेट्रो से तीन कोच वाली मेट्रो ट्रेनें किराए पर मंगाएगा, ताकि मीठापुर से आईएसबीटी (ISBT) के बीच यात्रियों को सेवा दी जा सके. इस कनेक्टिविटी के शुरू होने से बस टर्मिनल से शहर के प्रमुख इलाके मीठापुर तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा और यात्रियों को भारी ट्रैफिक से निजात मिलेगी.


एक्सपेंशन प्लान को दो फेज में बांटा गया है. इसमें सबसे पहले फरवरी तक मलाही पकड़ी तक मेट्रो पहुंचाने की तैयारी है. वर्तमान में मेट्रो केवल भूतनाथ स्टेशन तक ही सीमित है, लेकिन फरवरी के विस्तार के बाद इसका दायरा 6.107 किलोमीटर तक बढ़ जाएगा. तकनीकी बाधाओं के कारण खेमनीचक स्टेशन पर अभी काम पूरा नहीं हो पाया है, जिसके चलते फरवरी में ट्रेन वहां नहीं रुकेगी.


अगस्त में जब मीठापुर तक का कॉरिडोर पूरी तरह चालू हो जाएगा, तब खेमनीचक स्टेशन को भी यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा. इसके बाद जगनपुरा और रामकृष्णा नगर जैसे घने इलाकों के लोगों के लिए मेट्रो का सफर उनके दरवाजे तक पहुंच जाएगा.


मेट्रो नेटवर्क का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा खेमनीचक स्टेशन होगा, जिसे एक इंटरचेंज जंक्शन के रूप में तैयार किया जा रहा है. यहां कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 की लाइनें एक-दूसरे से मिलेंगी, जिससे यात्रियों को ट्रेन बदलने की सुविधा मिलेगी. कॉरिडोर-1 की ट्रैक ऊंचाई कॉरिडोर-2 से ज्यादा है, लेकिन स्टेशन प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के लिए दोनों लाइनें एक ही स्तर पर उपलब्ध होंगी. इससे यात्री आसानी से फोर्ड हॉस्पिटल या न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल की ओर जाने वाली ट्रेनों में शिफ्ट हो सकेंगे.






















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