Press "Enter" to skip to content

कजरी, बारहमासा, बाल गीतों पर नृत्य को उन्मुक्त कंठों से सराहा

औरंगाबाद. विवेकानंद विजन आइडियल पब्लिक स्कूल में शिक्षक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ राधाकृष्णन के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन निदेशक डॉ शंभूशरण सिंह, चेयरमैन मनीष वत्स, नगर पर्षद अध्यक्ष उदय गुप्ता, उपाध्यक्ष मो एहसान, रेडक्रॉस अध्यक्ष सतीश कुमार सिंह, डॉ शोभा रानी, डॉ कुमारी शशि, राघव सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित और डॉ राधाकृष्णन एवं विवेकानंद के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर किया.

छात्रों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी. छात्रों के कजरी, बारहमासा, बाल गीतों पर नृत्य को लोगों ने उन्मुक्त कंठों से सराहा. निदेशक डॉ सिंह ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते है. जिस प्रकार एक घर को मजबूती और स्थिरता तभी मिलती है जब उसकी नींव मजबूत हो. उसी प्रकार कोई छात्र अपने जीवन में सफल तभी होता है जब उसके पास उसके गुरु का आशीर्वाद और साथ हो. जीवन गुरु का साथ होना ही आपको अर्जुन की भांति लक्ष्यभेदी बना सकता है. उन्होंने ज्ञान के साथ-साथ विवेक के प्रयोग पर जोर देने की बात कही. छात्रों की प्रतिभा को उन्होंने उन्मुक्त कंठों से सराहा.

निदेशक ने कहा कि गुरु के आशीर्वाद और मार्गदर्शन से ही आप एक श्रेष्ठ नागरिक बन राष्ट्र सेवा कर सकते हैं. उन्होंने विवेकानंद के प्रसंग की चर्चा करते हुए कहा कि आज देश विजन 2047 के साथ विश्वगुरु बनने का बुनियाद रख रहा है. भारतीयों की प्रतिभा ने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है. इस कार्य में कहीं न कहीं गुरुओं का मार्गदर्शन और आशीष है.

चेयरमैन मनीष वत्स ने कहा कि शिक्षक का कार्य बड़ा चुनौतीपूर्ण है. उन्हें बदलते युग के अनुसार स्वयं को ढालना होता है. गुरु अपने शिष्यों को जीवन को आकार देते हैं, जिस प्रकार खाली कच्ची मिट्टी को कुम्भकार आकार देकर उससे सुंदर वस्तुएं बनाता है और उस मिट्टी की कीमत कई गुणा ज्यादा तक बढ़ जाती है, उसी प्रकार गुरु अपने शिष्य के जीवन को आकार देकर उसकी कीमत को बढ़ाता है.

अतिथियों ने अपने उद्बोधन में छात्रों की प्रतिभा की उन्मुक्त कंठों से सराहा. कहा कि हम सभी जब मिलकर कार्य करेंगे तभी एक समृद्ध और सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते है. सभी को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को समझना होगा. छात्रों ने मनमोहक नवदुर्गा नृत्य नाटिका, राधा गोरी-गोरी, जंगल के रखवाले आदिवासी सहित कई हास्य, पारंपरिक और आंचलिक संस्कृति को दर्शाता, शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ गीत-संगीत और नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया. छात्रों ने सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, चालकों को उपहार देकर सम्मानित किया. मौके पर अनिता सिंह, देव थानाध्यक्ष कुमार सौरभ, राहुल कुमार सहित समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित थे.

Share This Article
More from AURANGABADMore posts in AURANGABAD »
More from BIHARMore posts in BIHAR »
More from BREAKING NEWSMore posts in BREAKING NEWS »
More from CRIMEMore posts in CRIME »
More from EDUCATIONMore posts in EDUCATION »
More from FEATUREDMore posts in FEATURED »
More from GENERALMore posts in GENERAL »
More from INTERNATIONALMore posts in INTERNATIONAL »
More from LatestMore posts in Latest »
More from Life StyleMore posts in Life Style »
More from MUZAFFARPURMore posts in MUZAFFARPUR »
More from NationalMore posts in National »
More from NewsMore posts in News »
More from STATEMore posts in STATE »

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *