बिहार पुलिस और एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की संयुक्त कार्रवाई में गुरुवार की देर शाम वैशाली जिले के चिंतामणिपुर हाई स्कूल के पीछे एक बगीचे में कुख्यात लुटेरा अरविंद सहनी एक मुठभेड़ में मारा गया.

अरविंद सहनी के खिलाफ हत्या, लूट, डकैती जैसे कुल 22 संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे, जो वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण सहित बिहार के कई जिलों और अन्य राज्यों में फैल चुके थे.



अरविंद सहनी 28 मई, 2025 को समस्तीपुर कोर्ट से पेशी के बाद पुलिस को चकमा देकर अपने तीन साथियों के साथ फरार हो गया था. पुलिस और एसटीएफ लगातार उसकी तलाश में जुटी थी. उस पर मुजफ्फरपुर पुलिस द्वारा 50 हजार का इनाम घोषित किया गया था, जबकि उसके दो साथियों मोहम्मद अनवर और मंजीत कुमार पर 25,000-25,000 के इनाम घोषित किए गए थे.



14 अगस्त की देर शाम, वैशाली एसटीएफ और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने चिंतामणिपुर हाई स्कूल के पीछे बगीचे में उसे घेर लिया. पुलिस की कार्रवाई के दौरान अरविंद ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें एक पुलिसकर्मी के हाथ में गोली लगी, जबकि कुछ अन्य जवानों को हल्की चोटें आईं. जवाबी फायरिंग में अरविंद मारा गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब 20 राउंड गोलियां चलीं.



अरविंद सहनी का आपराधिक नेटवर्क बेहद मजबूत था. वह बेखौफ होकर किराना दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों में लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा था. उसका पीछा करना और गिरफ्तारी करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था.


अरविंद सहनी की मौत से बिहार और खासकर वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर जैसे जिलों में राहत की सांस ली जा रही है. पुलिस अब उसकी गैंग के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुट गई है.





















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