11 सूत्री मांग को लेकर बिहार राज्य अपराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के बैनर तले कर्मचारियों ने जुलूस निकाल समाहरणालय पर प्रदर्शन किया. मांगों को लेकर महासंघ स्थल से जुलूस निकाला गया.

प्रतिरोध मार्च शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुये सदर अस्पताल होते हुये समाहरणालय पहुंचा. जहां मांगों के समर्थन में नारेबाजी की. प्रधानमंत्री के नाम प्रेषित आवेदन जिलाधिकारी को हस्तगत कराया गया.



प्रदर्शन करने वाले पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करने, 29 लेबर कोड को खत्म करने और चार लेबर कोड को लागू करने की कार्रवाई पर रोक लगाने, पीएफआरडीए अधिनियम को निरस्त करने, एनपीएसयूपीएस को रद्द करने, ईपीएस-95 के तहत आने वाले कर्मचारियों को परिभाषित लाभ पेंशन स्कीम में लाने, सभी संविदा, आउटसोर्स, दैनिक वेतनभोगी नियुक्तियों पर रोक लगाने, सभी संविदा कर्मियों को नियमित करने की मांग कर रहे थे.



इसके अलावा सभी विभागों एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में सभी रिक्ति पदों को तत्काल प्रभाव से भरने, सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण, निगमीकरण बंद करने, आठवें वेतन आयोग का गठन कर आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटन, केरल की तर्ज पर पांच साल में एक बार आवधिक वेतन आयोग सुनिश्चित करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति को रद्द करने, पेंशनभाेगियों एवं कर्मचारियों के लिये सभी अस्पतालों में कैशलेस उपचार सुनिश्चित करने, महंगाई पर रोक लगाकर सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने की मांग भी की जा रही थी.




प्रदर्शन में पूर्व राज्याध्यक्ष लक्ष्मीकांत झा, दीपक कुमार सिंह, महेन्द्र पंडित, रामकुमार झा, उत्कर्ष कुमार, नरेन्द्र पंडित, अभिषेक कुमार, रघुवीर कुमार, मोहतासिना राजा, बिंदु कुमारी सिंह, अवलेश कुमारी, रंजना कुमारी, रेखा कुमारी, लक्ष्मी, सरिता, पिंकी, अनिता कुमारी, दिलीप कुमार, पुनम झा, पूजा भारती, मिनु कुमारी, पंकज मेहता, वीरेन्द्र कुमार सिंह, रामसेवक महतो आदि शामिल थे.


























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