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80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से पीएम मोदी ने फहराया तिरंगा, ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल ने बनाया दिन खास

देश आज आजादी का 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। राष्ट्रीय पर्व के इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराकर देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। लाल किले पर आयोजित राष्ट्रीय समारोह में देश की उपलब्धियों, युवाओं की ऊर्जा और विकसित भारत के संकल्प की झलक देखने को मिली।

इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस कई मायनों में खास है। आजादी के जश्न के साथ राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का अवसर भी मनाया जा रहा है। समारोह में वंदे मातरम् को विशेष महत्व दिया गया। देश की स्वतंत्रता की भावना और राष्ट्रीय एकता से जुड़े इस गीत की ऐतिहासिक यात्रा को भी समारोह के केंद्र में रखा गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद पहली बार 2014 में लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। इसके बाद लगातार हर स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने लाल किले से देश को संबोधित किया और तिरंगा फहराया। प्रधानमंत्री के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान 2019 में पीएम मोदी ने लाल किले से छठी बार तिरंगा फहराया। इसके साथ ही उन्होंने लाल किले से सबसे अधिक बार राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाले प्रधानमंत्रियों की सूची में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। उन्होंने बीजेपी के पहले प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के रिकॉर्ड की बराबरी की थी।

अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री के रूप में 1998 से 2004 के बीच लाल किले की प्राचीर से छह बार तिरंगा फहराया था। हालांकि वाजपेयी पहली बार 1996 में प्रधानमंत्री बने थे, लेकिन उनकी सरकार महज कुछ समय ही चल सकी। इसी वजह से उन्हें उस कार्यकाल में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से तिरंगा फहराने का अवसर नहीं मिला। इसके बाद 1998 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने लगातार स्वतंत्रता दिवस समारोह में लाल किले से देश का नेतृत्व किया। 2019 में नरेंद्र मोदी ने छठी बार तिरंगा फहराकर वाजपेयी के छह बार ध्वजारोहण करने के रिकॉर्ड की बराबरी की।

इस साल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में देश की युवा शक्ति को विशेष स्थान दिया गया। समारोह में यह संदेश देने की कोशिश की गई कि भारत की युवा आबादी देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सरकार के विकसित भारत के विजन में युवाओं की भागीदारी, तकनीक, नवाचार, स्टार्टअप, शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता को महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस के मंच से नई पीढ़ी को देश के भविष्य से जोड़ने का संदेश भी दिया गया।

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