बिहार के ऊर्जा क्षेत्र को एक और बड़ी सफलता मिली है. पटना जिले के बाढ़ स्थित एनटीपीसी सुपर थर्मल पावर प्लांट की स्टेज-1 की तीसरी और अंतिम यूनिट अब पूरी तरह चालू हो गई है. 660 मेगावाट क्षमता वाली इस यूनिट का सफल ट्रायल 5 जून को पूरा किया गया था, और अब 1 जुलाई 2025 से इस यूनिट से वाणिज्यिक उत्पादन भी शुरू हो जाएगा. इससे राज्य को 370 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी.

एनटीपीसी बाढ़ की इस परियोजना की कुल उत्पादन क्षमता अब 3300 मेगावाट हो जाएगी, जिसमें से बिहार को कुल 2246 मेगावाट बिजली का आवंटन मिलेगा. स्टेज-1 की तीन यूनिटों (3×660 मेगावाट) से राज्य को 56.08% हिस्सेदारी के तहत 1110 मेगावाट बिजली मिल रही है, जबकि स्टेज-2 की दो यूनिटों (2×660 मेगावाट) से 86.04% हिस्सेदारी के आधार पर 1136 मेगावाट बिजली की आपूर्ति होगी.



यह परियोजना बिहार की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए बेहद अहम मानी जा रही है. गर्मी और चुनाव जैसे अवसरों पर जब राज्य में बिजली की मांग चरम पर होती है, तब ऐसी अतिरिक्त आपूर्ति राज्य की बिजली व्यवस्था को स्थिर रखने में सहायक सिद्ध होगी.



एनटीपीसी के अधिकारियों का कहना है कि इस यूनिट के चालू होने से केवल शहरी क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि ग्रामीण और औद्योगिक इलाकों में भी बिजली की उपलब्धता बेहतर होगी. इसके साथ ही राज्य सरकार के ‘हर घर रोशनी’ के संकल्प को नई ऊर्जा मिलेगी.
































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