दिल्ली दंगों के मामले में अगस्त 2020 से जेल में बंद शरजील इमाम को अदालत ने मानवीय आधार पर 10 दिनों की पैरोल दी है। शरजील के छोटे भाई मुजम्मिल इमाम का विवाह 25 मार्च को तय है, जिसमें शामिल होने के लिए उन्होंने कोर्ट से गुहार लगाई थी।

कोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए 20 मार्च से 30 मार्च तक की अवधि के लिए जेल से बाहर रहने की अनुमति दी है। कोर्ट ने शरजील इमाम को पैरोल देते समय कई कड़ी शर्तें लागू की हैं, जिनका उल्लंघन करने पर उनकी पैरोल रद्द की जा सकती है।



शरजील इस मामले से जुड़े किसी भी गवाह या संबंधित व्यक्ति से संपर्क नहीं कर सकेंगे। पैरोल की अवधि के दौरान उन्हें किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी। वह केवल अपने परिवार और करीबी रिश्तेदारों से ही मिल सकते हैं, बाहरी लोगों या मीडिया से बातचीत पर प्रतिबंध है।



शरजील इमाम के जहानाबाद पहुंचने के बाद स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। 30 मार्च को पैरोल की अवधि समाप्त होते ही उन्हें वापस कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा। 2020 के दिल्ली दंगों में 50 से अधिक लोगों की जान गई थी, जिसमें शरजील इमाम को मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक के रूप में आरोपी बनाया गया है।


























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