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मत्स्यपालन के लिए उपयुक्त तालाब का चयन एवं निर्माण आवश्यक

पूसा : डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के पंचतंत्र सभागार में बेहतर उत्पादन के लिए समेकित मत्स्यपालन जारी प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरण के साथ संपन्न हो गया. अध्यक्षता करते हुए प्रसार शिक्षा निदेशालय के उप निदेशक प्रशिक्षण डॉ विनिता सतपथी ने कहा कि ग्रामीण विकास में मत्स्यपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है. यह खाद्य सुरक्षा प्रदान करता है. रोजगार के अवसर पैदा करता है. आय बढ़ाता है. ग्रामीण समुदायों के सामाजिक-आर्थिक कल्याण में सुधार करता है.

उन्होंने कहा कि यह प्रोटीन व पोषक तत्वों का किफायती स्रोत है. यह गरीबी व भुखमरी को कम करने में मदद करता है. मत्स्यपालन पर्यटन को भी बढ़ावा दे सकता है. आर्थिक बदलाव के दौरान यह सामाजिक सुरक्षा जाल के रूप में काम करता है.

मत्स्यपालन, झींगा व अन्य जलीय जीवों को पकड़ने, संसाधित करने और बेचने का उद्योग है. डा सतपथी ने कहा कि मत्स्यपालन के लिए उपयुक्त तालाब का चयन एवं निर्माण आवश्यक है.

मिट्टी-पानी की जांच, तालाब प्रबंधन, मत्स्य बीज, बीज संचय व अंगुलिकाओं की देखभाल, मृदा एवं जल का विस्तृत विवरण की गुणवत्ता बनी रहनी चाहिए.

प्रशिक्षण की देखरेख प्रसार शिक्षा निदेशक डा मयंक राय ने की. इसमें पूर्णिया जिले से 30 प्रतिभागियों हिस्सा लिया. मौके पर नीतीश कुमार, आशीष अहमद, चौरसिया, राम कुमार यादव, डा फूलचंद, संजीव, सूरज, सुरेश आदि मौजूद थे.

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