सारण जिले में एक फर्जी आईएएस अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। घटना छपरा नगर थाना क्षेत्र की है। आरोपी की पहचान रितेश कुमार के रूप में हुई, जो बसाढ़ी का रहने वाला है।

रितेश कुमार खुद को मेरठ का नगर आयुक्त बताकर, डीएम वैभव श्रीवास्तव से मिलने पहुंचे। प्रारंभिक बातचीत में वह पूरा आत्मविश्वास दिखा रहा था और डीएम का बैचमेट होने का दावा भी किया।


लेकिन जब डीएम ने सत्यापन के लिए तथ्यों की पुष्टि करनी शुरू की, तो उसकी कहानी लड़खड़ाने लगी। पहचान पत्र और पदस्थापन से जुड़े सवालों पर वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद डीएम ने पुलिस को बुलाया और रितेश की सच्चाई सामने आई।


रितेश को नगर थाना में हिरासत में लिया गया और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि रितेश किसी भी सरकारी पद पर नियुक्त नहीं है। डीएम के निर्देश पर फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई।
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी रितेश खुद को आईएएस बता कर पूर्व जिलाधिकारियों और अधिकारियों से मिल चुका था।


पूछताछ में रितेश ने दावा किया कि परिवार को परेशान करने वाले लोग हैं, इसलिए उसने डीएम से पैरवी कराने के लिए मिलने का प्रयास किया। आरोपी अब खुद को निर्दोष बता रहा है और गलती की माफी मांग रहा है। पुलिस उसके पुराने कारनामों की भी जांच कर रही है।







































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