तीस हजारी कोर्ट परिसर में एक वकील पर हुए कथित हमले के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस और कोर्ट प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं। सोमवार, 9 फरवरी 2026 को हुई सुनवाई में तीन जजों की बेंच ने इस घटना को न्याय व्यवस्था की गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला बताया।

चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय, जस्टिस वी. कामेश्वर राव और जस्टिस नितिन साम्ब्रे की बेंच ने पीड़ित वकील को तत्काल 24 घंटे सुरक्षा देने का आदेश दिया है, जो कम से कम अगली सुनवाई तक जारी रहेगी।


मामला 7 फरवरी का है। एक वकील ने आरोप लगाया कि तीस हजारी कोर्ट में सुनवाई के दौरान विरोधी पक्ष के वकील और कुछ अन्य लोगों ने कोर्ट रूम का दरवाजा बंद कर उनके साथ और उनके मुवक्किल के साथ मारपीट और बदसलूकी की।


बताया गया कि यह पूरी घटना जज की मौजूदगी में हुई, जिससे कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना की गूंज सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची थी, जहां चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने इसे “गुंडा राज” जैसी स्थिति बताते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी थी।


दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कई अहम आदेश जारी किए। पीड़ित वकील को 24×7 पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए, मामले की जांच ACP स्तर के अधिकारी करें, पूरी जांच DCP नॉर्थ की सीधी निगरानी में हो। जांच पूरी तरह निष्पक्ष और दबाव-मुक्त हो और कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी समीक्षा की जाए। जिला अदालत प्रशासन से भी इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगा गया। मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी 2026 को तय की गई है।
















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