बिहार में शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और कर्मियों के लिए अवकाश नियमों को लेकर एक नया आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार, अब केवल व्हाट्सऐप मैसेज भेजकर या मौखिक सूचना देकर छुट्टी नहीं मिलेगी। अब हर पदाधिकारी और कर्मी को सक्षम प्राधिकारी से विधिवत अनुमति लेनी होगी। नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा विभाग का कहना है कि कुछ समय से ऐसे कई मामले सामने आए है जहां कुछ कर्मचारी सिर्फ वॉट्सऐप पर मैसेज भेजकर छुट्टी मान लेते हैं। जिस कारण काम प्रभावित होता है। छात्रों के शैक्षणिक कार्यों पर असर पड़ता है। कुछ विशेष परिस्थितियों को छोड़कर बिना स्वीकृति अवकाश नहीं मिलेगा।


आकस्मिक अवकाश को लेकर विभाग ने अब एक फॉर्मेट भी जारी किया है। इस फॉर्मेट में शिक्षकों को आवेदन करना अनिवार्य होगा। आवेदन में कर्मचारी का नाम, पदनाम और शाखा का नाम बताना होगा। कुल स्वीकृत आकस्मिक अवकाश और पहले ली गई छुट्टियों की भी जानकारी देनी होगी।


इसके अलावा अवकाश की अवधि, छुट्टी लेने का कारण और बाकी बची छुट्टियों की भी जानकारी देनी होगी। गैरहाजिरी के दौरान कौन कर्मी कार्य देखेगा, उसका नाम भी आवेदन में दर्ज करना होगा। आधा अधूरा आवेदन किसी भी स्थिति में मान्य नहीं होगा।


वहीं नियम तोड़ने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसमें वेतन रोकना, अनुशासनात्मक दंड देना और सेवा नियमों के तहत अन्य कठोर कदम उठाना शामिल है। कार्य प्रणाली में सुधार करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग द्वारा फरमान जारी किया गया है।










































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