मोहिउद्दीननगर : जनसंख्या स्थिरीकरण में पुरुषों की सक्रियता महिलाओं की अपेक्षा कम है. क्षेत्र में जहां पुरुषों की आबादी ज्यादा है, मगर परिवार नियोजन के मामले में उनकी भागीदारी बेहद कम है. नसबंदी में पुरुषों की भूमिका नगण्य है. इसके लिए पुरुषों को प्रेरित करने की जरूरत है.

ये बातें परिवार नियोजन कार्यक्रम की सफलता को लेकर आशा कार्यकर्ताओं की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने कही. यूनिसेफ के बीएमसी अजय कुमार सिंह ने कहा कि पुरुष नसबंदी महिलाओं की अपेक्षा अधिक सरल व सुरक्षित है.



सरकार की ओर से परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने के लिए लगातार पहल की जा रही है. वहीं पुरुष नसबंदी में प्रोत्साहन राशि महिलाओं की अपेक्षा ज्यादा मिलती है.



इस दौरान क्षेत्र में पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए कई बिंदुओं पर चर्चा करते हुए क्रियान्वयन के लिए रणनीति तैयार की गई. इस दौरान कुष्ठ रोगी खोज अभियान की समीक्षा डाटा एंट्री ऑपरेटर नवनीत कुमार ने करते हुए आशा कार्यकर्ताओं को कई प्रकार के दिया निर्देश जारी किया.


इस मौके पर संगीता कुमारी, नूतन कुमारी, तरन्नुम परवीन, करुणा कुमारी, नंदनी कुमारी, सीता देवी, अनीता देवी, रंजू कुमारी, पूनम देवी, आंचल कुमारी, सुनीता कुमारी, निर्मला कुमारी, कंचन कुमारी, रीता कुमारी, उषा देवी, ज्ञानती कुमारी मौजूद थे.



















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