“किलकारी” बिहार बाल भवन, चर्च रोड, जिला स्कूल छात्रावास परिसर, मुजफ्फरपुर में चक धूम धूम समर कैम्प का उद्घाटन सुजीत कुमार दास जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, डॉ. तारन राय पूर्व विभागाध्यक्ष भौतिकी विभाग, बिहार विश्वविद्यालय डॉ. मोनालिसा निदेशक बी एड कॉलेज, जीबू झा, जिला स्कूल प्राचार्य के द्वारा संयुक्त रुप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.

अतिथियों का स्वागत किलकारी कर्मी द्वारा बच्चों के बनाएं गुलदस्ता भेंट कर किया गया साथ ही प्रकृति और विज्ञान विधा से जुड़े बच्चों ने प्राकृतिक रंगों से बने हुए मैजिक का प्रदर्शन करते हुए अतिथियों का स्वागत बड़े ही नायब तरीके से किए. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुजीत कुमार दास ने कहा कि कि हुनर समाज में एक अलग पहचान और सम्मान दिलाता है. निरंतर सीखने और अपने कौशल को अपग्रेड करने से बच्चे क्षेत्र में विशेषज्ञ बन सकते हैं.


मुख्य अतिथि श्रीमती (डॉ.) तारन राय ने बताया कि हाथ का हुनर आत्मविश्वास दिलाता हैं.समर कैम्प कई तरह के हुनर सीखने से बच्चों में भावनातमक एवं सामाजिक विकास होगा.चक धूम धूम समर कैम्प के माध्यम से बच्चों को बेहतर करने का अवसर प्राप्त होता हैं.



प्रमण्डल कार्यक्रम समन्वयक पूनम कुमारी ने बताया कि बिहार बाल भवन “किलकारी” द्वारा दिनांक 01.06.2026 से दिनांक 21.06.2026 तक “चक धूम धूम” समर कैम्प का आयोजन किया गया है.21 दिवसीय कैम्प समर कैम्प में 35 तरह के कलाओ का प्रशिक्षण विषय विशेषज्ञ द्वारा प्राप्त करेंगे.

किलकारी में पूर्व से कला, संस्कृति, विज्ञान एवं खेल से संबंधित संचालित गतिविधियों के अतिरिक्त बांधनी कला, टेक्सटाइल पेंटिंग, सुजनी आर्ट, मंडाला पेंटिंग, स्केटिंग, फोटोग्राफी, कत्थक, तबला वादन, वॉली बॉल, सॉफ्ट बॉल,मास्क मेकिंग, सृजनात्मक लेखन, मूर्तिकला, ग़ज़ल, पोट्रेट पेंटिंग, गरबा, नाटक, पीपल के पत्ते पर चित्रकारी, गीतापाठ, बैडमिंटन का प्रशिक्षण विषय विशेषज्ञ द्वारा दी जाएगी. सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी रश्मि आनंद ने बताया कि 8 से 16 आयुवर्ग के बच्चे चक धूम धूम समर कैम्प में नि:शुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं.


इस अवसर पर बिहार बाल भवन के प्रशिक्षक कायनात आफरीन, सीमा कुमारी, गौरीशंकर मिश्रा, अरुनीमा, अमन राज, सोनू कुमार, सौरभ कुमार, सुजाता कुमारी, रूपा पाठक, राजू सहनी, आशीष राज, बब्लू कुमार, राजीव कुमार, अर्पिता कुमारी, कृष्णनंदन कुमार, प्रियंका चौधरी मौजूद थे.बिहार बाल भवन किलकारी के नृत्य विधा के बच्चों द्वारा सामा चकेवा,निंदिया के मातल दूल्हा लोकगीत पर भाव नृत्य एवं संगीत विधा के बच्चों द्वारा साँसो की माला गीत की प्रस्तुति दी गई.मंच संचालन इंद्रजीत कुमार एवं धन्यवाद ज्ञापन पूर्णिमा बाला, सीआरपी कमीशनरी रिसोर्स पर्सन द्वारा दिया गया.


































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