केरल के बाद अब पश्चिम बंगाल, झारखंड और तमिलनाडु में निपाह वायरस के बढ़ते मामलों ने दुनियाभर में हड़कंप मचा दिया है।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि संक्रमण को सीमाओं के पार जाने से रोकने के लिए एशिया के कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग और सख्त जांच शुरू कर दी गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे भविष्य की महामारी के संभावित खतरों में शामिल किया है।


निपाह कोई साधारण वायरस नहीं है यह जूनोटिक (जानवरों से इंसानों में फैलने वाला) वायरस है। यह मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों की लार और मल-मूत्र से फैलता है।


यह वायरस सीधे मस्तिष्क में सूजन पैदा करता है। संक्रमित व्यक्ति मात्र 24 से 48 घंटे के भीतर कोमा में जा सकता है। वर्तमान में इस वायरस के लिए दुनिया में कोई वैक्सीन या ठोस इलाज उपलब्ध नहीं है।


बचाव के लिए क्या करें:-
फल खाने में सावधानी: पेड़ों से गिरे हुए या पक्षियों द्वारा कुतरे गए फलों को बिल्कुल न खाएं।
खजूर का रस: कच्चे खजूर के रस (ताड़ी) के सेवन से बचें, क्योंकि चमगादड़ अक्सर रात में इसे दूषित कर देते हैं।
दूरी बनाएं: बीमार पशुओं और संक्रमित व्यक्तियों के सीधे संपर्क में आने से बचें।
मास्क और स्वच्छता: सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनें और नियमित रूप से साबुन से हाथ धोएं।























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