भागलपुर गंगा अपना रौद्र रूप दिखाने लगी है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से भागलपुर के शहरी क्षेत्र में भी पानी घुसने लगा है। वही तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के परिसर में भी पानी आ गया है और यूनिवर्सिटी के पीजी गर्ल्स हॉस्टल में भी गंगा का पानी पांव पसारने लगा है। जिससे वहां की छात्राएं पलायन करने लगी है।
विश्वविद्यालय के पीजी छात्रावास की छात्राओं का कहना है कि हमलोगों की कक्षाएं प्रारंभ है जिसके चलते हमलोगों को दूसरे जगह कमरा लेकर रहना पड़ेगा या फिर अपने गांव वापस लौटना पड़ेगा। क्योंकि छात्रावास में बाढ़ का पानी आने से सभी छात्राएं काफी परेशान हैं , हम लोगों को आने-जाने के साथ-साथ खाने-पीने की भी परेशानी हो गई है। इसके चलते यहां से पलायन करना ही हमारे पास मात्र एक रास्ता है। वही विश्वविद्यालय हमलोगों के लिए किसी भी तरह की व्यवस्था नहीं कर रखी है। हमलोगों की व्यवस्था विश्वविद्यालय के तहत होती है तो हमलोगों की पढ़ाई बाधित नहीं होगी।
वही तिलकामांझी भागलपुर विश्विद्यालय के प्रति कुलपति आवास मे भी बाढ़ का पानी पिछले तीन चार दिन से आ गया जिससे अधिकारी से लेकर छात्रों को भी परेशानी बढ़ गई है।
सबौर में एनएच 80 पर पानी आने से परिचालन में हो रही है परेशानी
भागलपुर जिले में गंगा का लगातार रौद्र रूप देखने को मिल रही है। वही जिले के कई इलाकों को जलमग्न कर दिया है कई लोग अब भी बाढ़ के पानी मे फंसे हुए है कई लोग अपने छत पर रह रहे है । वही अब बाढ़ का पानी बिहार के भागलपुर से झारखंड साहेबगंज जाने वाली मुख्य सड़क मार्ग सबौर में एनएच 80 पर बाढ़ का पानी का बहाव हो रहा है। इससे वाहनो की परिचालन में काफी समस्या हो रही है।
लोग जान जोखिम में डाल कर सफर कर रहे हैं। वही लोगों ने बताया कि सबौर के फरका पंचायत पूरी तरह से बाढ़ के चपेट में आ गया है लेकिन जिला प्रशासन की रवैया और उदासीनता को लेकर बाढ़ पीड़ितों में नाराजगी है। लोगों ने बताया कि पिछले एक सफ्ताह से पूरे पंचायत को बाढ़ के चपेट में आने से लोगो को काफी परेशानी बढ़ गई है। लोगो को खाने पर लाले पड़े हुए है लेकिन जिला प्रशासन जबतक किसी तरह की मदद नही पहुंचाया है।
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