मोतिहारी : गरीबी की कोख से जन्में पूर्वी चंपारण जिले के दो खिलाड़ियों ने आम लोगों के इस्तेमाल किए जाने वाले साइकिल से ही राज्यस्तरीय माउंटेन साइकिलिंग चैम्पियनशिप की दूरी नापकर इतिहास रच दिया है। दोनों ने नेशनल चैम्पियनशिप में अपना स्थान भी सुरक्षित कर लिया है।

दोनों खिलाड़ियों का चयन नेशनल माउंटेन साइक्लिंग चैम्पियनशिप के लिए हुआ है। लेकिन, पैसे के अभाव में वे माउंटेन बाइ साइकिल खरीदने में असमर्थ हैं। जिस कारण नेशनल चैम्पियनशिप के लिए सामान्य साइकिल से ही तैयारी कर रहे हैं।

हालांकि, माउंटेन बाइसाइकिल को खरीदने के लिए दोनों खिलाड़ियों ने शासन-प्रशासन के अलावा आम लोगों से भी अपील की है, ताकि माउंटेन साइकिलिंग चैम्पियनशिप में भाग लेने के लिए माउंटेन बाइसाइकिल खरीद सकें और नेशनल चैम्पियनशिप जीतकर जिला का नाम रौशन कर सकें।

दोनों में से एक युवा खिलाड़ी विनय कुमार बैठा नक्सल प्रभावित क्षेत्र पकड़ीदयाल का रहने वाला है। वहीं प्रियदर्शिनी कुमारी जिले के सबसे पिछड़े प्रखंड बंजरिया की रहने वाली है। दोनों खिलाड़ियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अलावा जिला प्रशासन से भी मदद की गुहार लगाई है।

सामान्य साइकिल से हीं जिलास्तरीय साइकिलिंग प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले विनय कुमार बैठा का चयन राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के लिए हुआ है। पटना में आयोजित राज्य स्तरीय माउंटेन साइकिलिंग चैंपियनशिप के लिए जरुरी साइकिल के साथ शामिल खिलाड़ियों के बीच अपने सामान्य साइकिल के साथ उन्होंने भाग लिया।

प्रतियोगिता के दौरान इनके पैरों में स्पेटर्स जूते भी नहीं थे। कपड़ों की जूतों की बदौलत ही इन्होंने प्रतियोगिता में भाग लिया। इन्हीं की बदौलत विनय बैठा ने राज्यस्तरीय चैंपियनशिप में तीसरा स्थान प्राप्त किया। अब उनका चयन नेशनल माउंटेन साइकिलिंग चैम्पियनशिप के लिए हुआ है। इसके लिए वह प्रत्येक दिन अपने पास उपलब्ध संसाधनों की बदौलत ही तैयारी में जुटे हुए हैं।





















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