राजनीतिक रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने हाल में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में जन सुराज पार्टी को मिली करारी हार के बाद गुरुवार को एक दिन का मौन व्रत रखा। यह उपवास उनके आत्ममंथन, आत्मालोचना और जन-आंदोलन को नये सिरे से शुरू करने के संकल्प का प्रतीक माना जा रहा है।

जन सुराज पार्टी द्वारा जारी बयान के अनुसार, किशोर ने पश्चिम चंपारण जिले में महात्मा गांधी द्वारा करीब एक सदी पहले स्थापित भीतिहरवा आश्रम में पहुंचकर मौन व्रत रखा। महात्मा गांधी के प्रति गहरा सम्मानभाव रखने के लिए जाने जाने वाले किशोर ने तीन वर्ष पहले यहीं से 3,500 किलोमीटर लंबी पदयात्रा की शुरुआत की थी जो पिछले वर्ष गांधी जयंती के दिन जन सुराज पार्टी के गठन के साथ समाप्त हुई थी।

किशोर (48) पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष मनोज भारती सहित अन्य नेताओं के साथ आश्रम पहुंचे। उन्होंने वहां महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और इसके बाद मौन उपवास शुरू किया। सुबह से ही भितिहरवा गांधी आश्रम में जन सुराज के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की भीड़ जुटने लगी। प्रशांत किशोर ने शांत और अनुशासित माहौल में अपने मौन उपवास की शुरुआत की। उनका संदेश स्पष्ट था कि जनता तक न पहुंच पाने की कमी स्वीकार करना और भविष्य की राह को नये संकल्प के साथ तय करना।


























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