रैगिंग के खिलाफ कोलकाता विश्वविद्यालय और कड़ा रुख अपनाने जा रहा है। जादवपुर विश्वविद्यालय के मेन हॉस्टल से हाल ही में रैगिंग का मामला सामने आया था। इसके बाद जादवपुर विश्वविद्यालय की ओर से जांच कमेटी का गठन की गई है।

शिक्षा मंत्रालय की तरफ से भी रैगिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया गया है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय उच्च शिक्षा संस्थानों में आगामी शिक्षा सत्र से रैगिंग के विरुद्ध बहुत बड़े कानून लागू करने जा रहा है।

अब जिस संस्थान अथवा विश्वविद्यालय से रैगिंग की शिकायत आएगी या फिर कोई मामला सामने आएगा तो निर्देशक व वीसी भी इसके लिए जिम्मेदार रखेंगे। यदि उन्होंने झूठी जानकारी दी तो संस्थाओं के खिलाफ बहुत कड़ी कार्रवाई होगी।

मैनेजमेंट और फैकल्टी के साथ-साथ छात्रों को भी अनुशासन में बांध दिया जाएगा। दाखिला लेते समय ऑनलाइन आवेदन में फॉर्म भरने के साथ उनको एक शपथ पत्र देना होगा कि किसी भी प्रकार के रैंगिग व उससे संबंधित गतिविधियों में शामिल नहीं होंगे।

रैगिंग रोकने में जो निर्देशक अथवा वीसी असफल हो रहेंगे उनके खिलाफ शिक्षा मंत्रालय कभी कार्रवाई करेगी। यूजीसी शैक्षणिक सत्र 2025 26 के लिए एंटी रैगिंग गाइडलाइन शिक्षण संस्थानों को भेज चुका है।
























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