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बिहार में स्कूल-कॉलेज परीक्षा बनी मजाक, कहीं किताब लेकर नकल कर रहे तो कहीं साइकिल पर बैठ एग्जाम दे रहे छात्र

मुंगेर: बिहार में शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों को मुंह चिढ़ाने वाली खबर आई है। राज्य में कई जगहों पर स्कूल और कॉलेज की परीक्षा को मजाक बनाकर रख दिया गया है। कहीं पर छात्र-छात्राएं छत या बरामदे में साथ बैठकर नकल करते हुए एग्जाम दे रहे हैं तो कहीं पर छात्रों का साइकिल पर परीक्षा देते हुए वीडियो वायरल हो रहा है।

There was massive theft of graduation part one exam in Munger. | एक ही टेबल  पर बैठे थे 5 से 6 स्टूडेंट, 700 से अधिक परीक्षार्थी हुए शामिल - Dainik  Bhaskar

मुंगेर से जो तस्वीरें वायरल हुई हैं, उनमें विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर डिग्री पार्ट I और डिग्री पार्ट II के साथ ही ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के सैकड़ों परीक्षार्थी कॉलेज की छत, बरामदे पर बैठकर परीक्षा देते नजर आ रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि वे परीक्षा देने के बजाय किसी दावत में आए हैं। एग्जाम के दौरान छात्र-छात्राओं को इधर-उधर बिखरी हुई किताबों, नोट्स और गेस लेटर पर एक झुण्ड में चर्चा करते हुए देखा जा सकता है।

तस्वीरें वायरल होने के बाद, मुंगेर विश्वविद्यालय (एमयू) के कुलपति प्रोफेसर श्यामा रॉय ने परीक्षा नियंत्रक को घटना की जांच करने का निर्देश दिया है। सोमवार को केंद्र की तस्वीरें वायरल होने के बाद जांच के लिए परीक्षा नियंत्रक रामाशीष पूर्वे के नेतृत्व में टीम ने मंगलवार को आरएस कॉलेज तारापुर का दौरा किया, जिसमें परीक्षार्थी छत और गलियारों में एक टेंट हाउस से किराए पर ली गई कुर्सी और मेज पर परीक्षा दे रहे थे।

पुर्वे ने कहा कि उन्होंने जांच की है लेकिन कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है। हालांकि उन्होंने माना कि एग्जाम सेंटर अचानक बदलने से कुछ केंद्रों पर परीक्षार्थी बढ़ गए। ऐसे में कॉलेज प्रशासन ने टेंट हाउस से कु्र्सियां और टेबल किराये पर लेकर उनके बैठने की व्यवस्था करवाई।  मगध विश्वविद्यालय में सत्र 2022-25 के डिग्री पार्ट I और सत्र 2021-24 के डिग्री पार्ट II के सहायक पेपर की परीक्षाएं सोमवार को शुरू हुईं, जिसमें 63000 से अधिक छात्र परीक्षा में शामिल हुए।

परीक्षा नियंत्रक ने इस खबर का खंडन किया कि परीक्षार्थी छत पर एग्जाम दे रहे थे। उन्होंने कहा कि जो तस्वीरें वायरल की गईं, वे कॉलेज की नहीं थीं। इसे एमयू को बदनाम करने के लिए निहित स्वार्थ वाले कुछ लोगों की करतूत करार दिया। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि परीक्षार्थियों ने अनुचित साधनों का इस्तेमाल किया। पूर्वे ने कहा कि परीक्षा में किसी भी गलत चीज का इस्तेमाल नहीं किया गया। इसलिए पेपर रद्द करने का कोई सवाल ही नहीं उठता है।

एमयू के सूत्रों ने वायरल तस्वीरें दिखाते हुए कहा कि परीक्षार्थियों को छत पर परीक्षा देते हुए दिखाने वाली फोटो एक हाई स्कूल की है जहां ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के छात्र बिहार में आयोजित टेस्ट परीक्षाओं में भाग ले रहे हैं।

इसी तरह बेगूसराय में स्कूल- कॉलेज एग्जाम में अव्यवस्था की खबरें आ रही हैं। हाल ही में कुछ वीडियो और तस्वीरें वायरल हुईं जिसमें छात्र साइकिल पर बैठकर परीक्षा देते हुए नजर आ रहे हैं। ये तस्वीरें और वीडियो प्लस टू एग्जाम के बताए जा रहे हैं।

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