केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग की सुगबुगाहट के बीच अब सबसे बड़ा सवाल ‘फिटमेंट फैक्टर’ को लेकर उठ रहा है। हालांकि आयोग की अंतिम सिफारिशों में अभी 18 से 20 महीने का समय शेष है, लेकिन कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि के पुराने पैटर्न्स के आधार पर गणना शुरू कर दी है।

जानकारों का मानना है कि यदि सरकार पिछले आयोगों की परंपरा को दोहराती है, तो 1 जनवरी 2026 तक होने वाला 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) नए वेतन निर्धारण का मुख्य आधार बन सकता है।



7वें वेतन आयोग के दौरान न्यूनतम वेतन को 7,000 रुपए से बढ़ाकर 18,000 रुपए किया गया था। इसके लिए 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ था। इस फॉर्मूले का विश्लेषण करें तो स्पष्ट होता है कि:



फिटमेंट फैक्टर (2.57) का लगभग 2.25 हिस्सा केवल महंगाई भत्ते के न्यूट्रलाइजेशन (समायोजन) के लिए था। शेष हिस्सा वास्तविक वेतन वृद्धि और पे-स्ट्रक्चर में बदलाव के लिए रखा गया था।













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