झंझारपुर. महाकवि पंडित लालदास की जन्मस्थली खड़ौआ गांव स्थित लालदास प्लस टू उच्च विद्यालय परिसर में स्मृति पर्व व 169वीं जयंती समारोह का आयोजन किया गया. समारोह में मुख्य अतिथि जितेंद्र नारायण लाल दास, विशिष्ट अतिथि डॉ रमानंद झा रमण, डॉ रंगनाथ चौधरी, भैरव लाल दास व अन्य गणमान्य अतिथियों ने महाकवि की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया.

मंचस्थ अतिथियों ने डॉ संजीव शमा के संपादन व डॉ विनीत कुमार लाल दास के सह संपादन में प्रकाशित स्मारिका भावांजलि, प्रिया वरुण कुमार रचित हर्षित काव्य पुस्तक का लोकार्पण किया गया. हिंदी व मैथिली साहित्य मंच के उद्घोषक डॉ संजीव शमा के संयोजन व कुशल संचालन में मुख्य अतिथि जितेंद्र नारायण लाल दास ने रमेश्वरचरित मिथिला रामायण महाकाव्य के अमर रचनाकार महाकवि पंडित लालदास को मिथिला व मैथिली साहित्य का धरोहर बताया.



उन्होंने उनके कृतित्व को आज के आधुनिक युग के लिए अमिट बताया. कहा कि महाकवि अपने जीवन में अठारह ग्रंथ की रचना कर सदा के लिए अमर हो गये. उनकी अमूल्य रचना रमेश्वर चरित मिथिला रामायण महाकाव्य विश्व साहित्य के मानचित्र पर विशिष्ट स्थान रखता है. समारोह में पधारे सभी अतिथियों को समिति की ओर से पुष्पमाल, शॉल, प्रतीक चिह्न व भावांजलि स्मारिका भेंट कर सम्मानित किया गया. प्रखर वक्ता अमल झा ने इतिहासविद भैरव लाल दास समालोचक डॉ रमानंद झा रमण, साहित्यकार डॉ रंगनाथ चौधरी दिवाकर, महाकवि पंडित लालदास पर केंद्रित व्याख्यान माला में विचार प्रस्तुत किया.


समारोह में बीएचयू की शोध छात्रा मयूरी शंकर, प्राध्यापक डॉ शैलेंद्र मोहन मिश्र, प्राध्यापक डॉ अरविंद सिंह झा, प्राध्यापक डॉ रंजना झा, प्राध्यापक डॉ विनीत कुमार लाल दास, प्राध्यापक डॉ शिव कुमार प्रसाद, अध्यापक डॉ अनिल ठाकुर, शिक्षाविद राघवेंद्र लाल दास समेत कई अन्य मनीषियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए. इस अवसर पर मैथिली साहित्य में दर्जन भर दिव्य ग्रंथ के रचयिता डॉ रंगनाथ चौधरी दिवाकर को वर्ष 2025 का महाकवि पंडित लालदास साहित्य गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया.


स्थानीय लालदास प्लस टू उच्च विद्यालय के टॉपर को महाकवि प्रतिभा पुरस्कार समिति की ओर से प्रदान किया गया. महाकवि की रचनाओं पर आधारित गीतमाला कार्यक्रम में आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के सुगम संगीत कलाकार पंडित काशीनाथ झा किरण ने उनकी रचनाओं को गीत में पिरोया. विदिशा दास ने धरू मन श्यामा शरण सकाल, नंदनी एवं साक्षी ने गीत की सुमधुर प्रस्तुति से श्रोताओं का मन मोह लिया.




















Be First to Comment