भागलपुर के सुल्तानगंज में नगर परिषद ऑफिस में घुसकर सरकारी अधिकारी के मर्डर का बदला बिहार पुलिस ने लिया. गोलीबारी कांड के मुख्य अभियुक्त रामधनी यादव का एनकाउंटर कर दिया गया. इसके बाद घायल अवस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत बताया.

पुलिस के अनुसार, मुख्य अभियुक्त रामधनी यादव ने पुलिस गिरफ्तारी के डर से ऑटो से थाना पहुंचकर सरेंडर किया था. इसके बाद पुलिस ने उससे घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य सामानों के बारे में कड़ी पूछताछ शुरू की. पूछताछ में अभियुक्त ने ग्रामीण इलाके में हथियार छिपाने की बात बताई. जब पुलिस टीम उसे लेकर उस जगह पर पहुंची, तब उसे आशंका हुई कि हथियार बरामद होने पर कई अहम कनेक्शन उजागर हो जाएंगे.


इसी दौरान मुख्य अभियुक्त के सहयोगी अपराधी पुलिस टीम का पीछा कर रहे थे. मौका पाकर सहयोगियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. इसी बीच रामधनी यादव ने भी पिस्टल निकालकर पुलिस टीम पर गोली चला दी. इस फायरिंग में डीएसपी नवनीत कुमार समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए.



जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में कई राउंड फायरिंग की, जिसमें रामधनी यादव के सीने में गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया. पुलिस उसे इलाज के लिए मायागंज स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.


मामले में पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है. दोनों पुलिस अभिरक्षा में हैं और उनके शरीर के विभिन्न हिस्सों में गोली लगी है. गिरफ्तार आरोपियों में एक दीपक है, जबकि दूसरा रामधनी यादव का साला बताया जा रहा है. दोनों के खिलाफ पूर्व से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं.











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