गया जी. विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष मेला शुरू हो रहा है. मेले की तैयारी को लेकर गुरुवार को कन्वेंशन सेंटर में डीएम शशांक शुभंकर, एसएसपी आनंद कुमार, सिटी एसपी रामानंद कुमार कौशल व एडीएम परितोष कुमार ने 17 सुपर जोन दंडाधिकारी, 43 जोन दंडाधिकारी और 324 सेक्टर पदाधिकारियों के साथ बैठक की.

बैठक को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि जिस तरह महाकुंभ मेला ऐतिहासिक महत्व रखता है, उसी तरह पितृपक्ष मेला भी विश्वस्तर पर ऐतिहासिक पहचान रखता है. इसमें देश-विदेश से लोग अपने पूर्वजों का तर्पण करने आते हैं. सभी अधिकारी सेफ्टी और सिक्योरिटी को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका ध्यान रखें.



डीएम ने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी स्थानीय पंडा समाज से संवाद करें. अपने-अपने ड्यूटी स्थल पर तीर्थयात्रियों से बातचीत करें और उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान सुनिश्चित करें. सभी पिंडस्थलों का अलग महत्व है और अलग-अलग तिथियों में अलग-अलग वेदियों पर भीड़ अधिक रहेगी. विष्णुपद मंदिर और देवघाट पर विशेष भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था रहेगी. सरोवरों और घाटों पर एसडीआरएफ, गोताखोर, नाव, लाइव जैकेट और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गयी है.



डीएम ने कहा कि विष्णुपद मंदिर और देवघाट के रास्ते काफी संकरे हैं. इन्हें चौक पॉइंट के रूप में चिह्नित किया गया है. भीड़ नियंत्रण के लिए अलग से पदाधिकारियों व पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है, ताकि भगदड़ जैसी स्थिति न बने. श्मशान घाट से गया डैम तक 40 से 50 हजार तीर्थयात्री एक साथ बैठकर तर्पण कर सकते हैं.




इसके अलावा विष्णुपथ पथवे और नवनिर्मित घाटों पर भी पिंडदान की व्यवस्था रहेगी. तीर्थयात्रियों की भीड़ तर्पण के बाद मंदिर दर्शन को उमड़ेगी, इसलिए कतारबद्ध दर्शन की विशेष व्यवस्था करनी होगी. सभी सार्वजनिक स्थानों और शिविरों में एंबुलेंस व आपात सेवाओं के नंबर प्रदर्शित किये गये हैं.































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