पटना: बिहार में 29 अप्रैल तक प्रचंड पछुआ के प्रवाह और ताप के प्रभाव से हीट वेव की स्थिति बनी रहेगी। दक्षिण बिहार के अधिकतर जिलों में इसका व्यापक असर रहेगा। पटना सहित अधिकतर शहर लू की चपेट में रहेंगे और इस दौरान अधिकतम तापमान में वृद्धि संभावित है, वहीं उत्तर बिहार के जिलों में एक दो जगहों पर लू का प्रभाव बना रहेगा। पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने मौसम के रुख को देखते हुए बुधवार को विशेष बुलेटिन जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग ने दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक लोगों को घर से बेवजह बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। इस दौरान पारा चरम पर होगा और इससे हीट वेव के दौरान हीट स्ट्रोक के मामले बढ़ सकते हैं। लोगों को पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि बार बार पानी पिएं भले ही प्यास न लगी हो। लोगों को सचेत करते हुए मौसम विभाग ने कहा है कि हीट वेव के दौरान शारीरिक तनाव की स्थिति हो सकती है, जिससे जान जाने तक का खतरा हो सकता है। तापमान अधिक रहने पर लोगों को ज्यादा मेहनत वाले काम से परहेज करने को कहा गया है। श्रमिकों, बीमार लोगों, बच्चों और बुजुर्गों और कम तापमान वाले क्षेत्रों से बिहार आ रहे लोगों को लू के दौरान घर पर ही रहने को कहा गया है। मौसम विभाग ने कहा कि उन लोगों को हीट स्ट्रोक का ज्यादा खतरा है जो कम तापमान वाले क्षेत्रों से आ रहे हैं। ऐसे लोग एक हफ्ते की अवधि तक खुले मैदान में आने- जाने से बचें।
पटना सहित राज्य के 23 जिलों में भीषण गर्मी की स्थिति बनी हुई है। पूर्णिया, सुपौल और पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में बुधवार को हीट वेव की स्थिति रही, वहीं 42.8 डिग्री के साथ शेखपुरा में सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। पटना का अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री रहा। राज्य में कई जगहों पर 30 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से पछुआ का प्रवाह रहा। मौसम विभाग ने पूर्णिया में 26 अप्रैल तक हीट वेव की स्थिति बने रहने का पूर्वानुमान है। पूर्णिया सहित बिहार के पांच संसदीय सीटों पर 26 को दूसरे चरण का मतदान होना है। ऐसे में गर्मी मतदाताओं की परीक्षा लेगी। हालांकि 27 से पूर्णिया के तापमान में कमी आने का अनुमान है। राज्य के कई शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। इसमें सुपौल में सामान्य से 6.4 डिग्री, पूर्णिया में सामान्य से पांच डिग्री, जबकि मोतिहारी में सामान्य से 5.2 डिग्री अधिक तापमान रिकॉर्ड हुआ।
धूप में जाते समय सुरक्षात्मक चश्मा, छाता, टोपी, जूते या चप्पल जरूर पहनें। शराब, चाय, कॉफी, कार्बोनेटेड शीतल पेय से बचें। यह शरीर में जल की मात्रा को कम करते हैं। उच्च प्रोटीन वाले भोजन से बचें और बासी भोजन न करें। बच्चों या पालतू जानवरों को खड़ी गाड़ियों में न छोड़ें। कमजोरी या बीमार महसूस करने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। पशुओं को छाया में रखें। ओआरएस, घर के बने पेय जैसे लस्सी, तोरानी (चावल का पानी), नींबू पानी, छाछ आदि का उपयोग करें। इससे शरीर को फिर से हाइड्रेट करने में मदद करते हैं। घर को ठंडा रखें।


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