पटना: तीन राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद अब इंडिया गठबंधन में प्रतिनिधित्व को लेकर रण छिड़ गया है। नीतीश के मंत्रियों ने विधानसभा चुनावों में मिली हार को कांग्रेस की हार बताया है। न ही इंडिया गठबंधन की। बिहार सरकार के मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि तीन राज्यों के नतीजों से जो संदेश मिला है वो ये है कि विपक्षी दलों को एकजुट होकर लड़ना होगा। और कांग्रेस को क्षेत्रीय पार्टियों के प्रति उदारता बरतनी होगी। और सम्मान देना होगा।
विजय चौधरी ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि नीतीश कुमार के प्रयासों से ही इंडिया गठबंधन बना है। इंडिया गठबंधन किसके नेतृत्व में लोकसभा चुनाव लड़ा जाएगा ये तय होना चाहिए। अगर किसी विश्वसनीय चेहरे को आगे बढ़ाया जाए तो फायदा होगा। नीतीश कुमार की विश्वसनीयता को तो पूरा देश जानता है। विधानसभा चुनाव में आपसी साझेदारी की कमी के चलते सबसे ज्यादा कांग्रेस को नुकसान हुआ है।
वहीं नीतीश के मंत्री अशोक चौधरी ने भी कांग्रेस पर हमला बोला और कहा कि कांग्रेस अपने अहंकार की वजह से हारी है। अगर कांग्रेस इंडिया गठबंधन को साथ लेकर चलता तो हालात अलग होते। जब नीती, ममता और सहयोगी दलों के नेता कैंपेन करते तो कांग्रेस को फायदा होता। लेकिन कांग्रेस ओवर कॉन्फिडेंश में चली गई। चौधरी ने कहा कि अगर हर कोई अपने आप को बड़ा भाई समझेगा तो 75 बड़े भाई तो पार्टी चला नहीं पाएंगे। उन्होने कहा कि नीतीश कुमार के पास पीएम कैंडिडेट की सभी खूबियां हैं। इससे पहले जदयू के प्रदेश महासचिव निखिल मंडल ने ट्वीट करते हुए कांग्रेस पर हमला था। और कहा था कि INDIA गठबंधन को नीतीश कुमार के हिसाब से चलना चाहिए।
आपको बता दें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 6 दिसंबर को इंडिया गठबंधन की बैठक बुलाई है। जिसमें सभी विपक्ष दलों के नेता शामिल होंगे। जिसमें सीट शेयरिंग से लेकर संयोजन के नाम पर भी चर्चा हो सकती है। इंडिया गठबंधन में कुल 26 विपक्षी दल शामिल हैं। अब तक इंडिया गठबंधन की तीन बैठके हो चुकी हैं। जिसमें पहली पटना, दूसरी बेंगलुरु और तीसरी मुंबई में हुई थी।
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