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लखीसराय में गर्मी का कहर, गरमा टमाटर ने छीनी किसानों के चेहरे की लाली, किसान बेहाल

लखीसराय: बिहार के लखीसराय में गर्मी का कहर जारी है. जिसके वजह से गरमा टमाटर ने किसानों के चेहरे की लाली छीन ली है. लगातार मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है. तापमान में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है. जिसके वजह से किसान परेशान हो गए है. किसानों की परेशानी का अंदाजा अब उनके मुरझाए हुए चेहरों को देखकर लगाया जा सकता है।

लखीसराय में गर्मी का कहर, गरमा टमाटर ने छीनी किसानों के चेहरे की लाली, किसान बेहाल

बदलते हुए इस मौसम का प्रभाव सीधा फसलों पर पड़ रहा है. भीषण गर्मी के कारण पानी का जलस्तर घटने से प्रखंड में सब्जी की फसलें प्रभावित हो गयी है. इसके कारण सब्जी उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है. सूर्य की तपिश आग उगल रही है. गर्मी का तापमान 43 डिग्री तक पहुंच गया है, जो कम होने का नाम नहीं ले रही है. जिसका असर टमाटर की फसल पर पड़ रहा है.

बड़हिया प्रखंड के पहाड़पुर गांव में टमाटर उत्पादक किसानों का कहना है कि फसल में लगने वाले फूल झु’लस देने वाली धूप और हवा के गर्म थपेड़ों को नहीं झेल पा रहे फसल में लगने वाले फूल मुरझा कर झड़ जा रहे हैं. जिसके कारण टमाटर का उत्पादन प्रभावित हो रहा है. वहीं लगातार पड़ रही तेज गर्मी से जलस्तर भी भाग गया है. जिससे फसलों को बचाने के लिए पर्याप्त सिंचाई की समस्या उत्पन्न हो गई है. सिंचाई की समस्या से किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गया है.

पहाड़पुर के किसान बुद्धू सिंह, विजेंत कुमार, उपेंद्र सिंह सुमन सिंह ने बताया कि इस बार टमाटर की खेती में ज्यादा मेहनत और खर्च करना पड़ा है. शुरुआत में इस बार फसल काफी अच्छी तैयार हुई थी और फलन भी काफी अच्छा आया था. जिससे उम्मीद थी कि बेहतर मुनाफा हाथ लगेगा, लेकिन कुदरत के कहर के आगे सब मजबूर है. भीषण गर्मी के कारण पौधे जल चुके हैं, फल काफी छोटा हो रहा है. जिससे बाजार में ओने पौने दाम पर बेचने को मजबूर हैं. अधिकांश फल पौधे में ही सड़ने लगे हैं.

किसानों की मानें तो एक बीघा में लगभग 40 से 50 हजार रुपए की लागत आती है, लेकिन किसानों को लागत मूल्य भी नहीं मिल पाया है. भीषण गर्मी के साथ चल रही गर्म हवाओं से बचाने के लिए उन्हें रोजाना पानी की जरूरत पड़ रही है. जलस्तर भाग जाने से रोजाना सिंचाई देना मुश्किल हो गया है. जिसका सीधा असर टमाटर के उत्पादन पर पड़ा है और उत्पादन में काफी कमी आ गयी है. उधर फसल के उत्पादन में कमी होने से उसके दाम में लगातार इजाफा हो रहा है. जिससे लोगों को सब्जी की जरूरतों को पूरा करने के लिए अच्छी खासी राशि खर्च करना पड़ रहा है.

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