खगड़िया जिले के दो प्रखंड के दर्जनों गांव में गंगा और बूढ़ी गंडक का कहर जारी है। बाढ़ से 50 हजार का आबादी प्रभावित है। बाढ़ की पानी से सड़के डूब चुकी है। लोग घर मे कैद हो चुके हैं। अब सिर्फ एक ही रास्ता बचा है नाव की सवारी। जिला-प्रशासन की ओर से सरकारी नाव की व्यवस्था भी नहीं की गई है। लोग ऊंची जगहों पर शरण ले रहे हैं।
दो पंचायत सबसे ज्यादा प्रभावित
गंगा किनारे बसे दो पंचायत सबसे ज्यादा प्रभावित है। इसमें सदर प्रखंड के एनएच 31 से तीन किलोमीटर स्थित रहीमपुर दक्षिणी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। जबकि, रहीमपुर मध्य के तीन गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। लोगों ने बताया कि जलस्तर में इस तरह बढ़ोतरी होते रहेगी तो रहीमपुर उत्तरी के कई वार्ड जल्द डूब जाएगी। जबकि इधर, परबत्ता प्रखण्ड नारायणपुर-गोगरी जीएन तटबंध के निचले इलाके के 6 पंचायत बाढ़ से प्रभावित हो गया है।
कई वार्ड में घुसा पानी
सौढ दक्षिणी, लगार, तेमथा करारी, माधवपुर , कुहड़िया पंचायत के एक दर्जन से अधिक वार्ड मे बाढ़ का पानी का प्रवेश कर चुका है। तेमथा करारी पंचायत के शर्माटोला सहित अन्य 3 वार्ड के लोग पूरी तरह पानी से गिर चुके हैं। मुख्य सड़क से इसका संपर्क टूट चुका है। इधर सौढ़ दक्षिणी पंचायत के वार्ड नंबर 10 एवं 11 में फिलहाल लोग अपने घरों में ही कैद है । घर के चारों ओर पानी जलमग्न है। घरों में पानी प्रवेश कर चुका है।
नौका की व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग
पंचायत के वार्ड नंबर 7, 8, 10, 12 के कई घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। उपमुखिया कुंदन कुमार, पंच सदस्य मनोहर यादव ने स्थिति का मुआयना करने के बाद बताया कि फिलहाल बाढ़ से दर्जनों परिवार प्रभावित है। पेयजल का वार्डों में संकट गहरा गया है। साथ ही नौका की व्यवस्था उपलब्ध कराने का प्रशासन से आग्रह किया है।
सौढ दक्षिणी पंचायत पंचायत के मुखिया विनीता देवी ने बताया कि वार्ड नंबर 10,11 पूर्णतः बाढ़ से प्रभावित हो चुका है। वहीं, माधवपुर पंचायत में बाढ़ का पानी तेजी से फ़ैल रहा है। वार्ड नंबर 6 सतखुट्टी टोला में नवनिर्मित सड़क भी बाढ़ के पानी में डूब चुका है।
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